शिमला। मालभाडे  के विवाद को सुलझाने के लिए सुक्‍खू सरकार की ओर से पिछले पचास दिनों से अपनाई जा रही रणनीति  ही सवालों के घेरे में आ गई हैं। मुख्‍यमंत्री सुक्‍खू और उनके अधिकारी आपरेटरों से ही वार्ता कर रहे हैं। लेकिन वार्ता के लिए सरकार की ओर से अदाणी प्रबंधन के अधिकारियों को क्‍यों नहीं बुलाया जा रहा हैं।

आज की महत्‍वपूर्ण बैठक में अदाणी समूह के अधिकारियों को बुला कर मौके पर निपटारा किया जा सकता है लेकिन  अदाणी समूह के अधिकारियों को वार्ता के लिए या तो बुलाया ही नहीं गया है या वह आने से गुरेज कर रहे हैं। इस औदयोगिक विवाद को सुलझाने के मामले में मंत्रियों, मुख्‍यमंत्री व अधिकारियों की ओर से अपनाई जा रही रणनीति ही संदेह के घेरे में हैं।

 

आज की बैठक में सभी ट्रक यूनियनों ने मालभाडे की दरें प्रस्‍तावति की। अब सरकार कह रही है कि वह इन दरों पर अदाणी समूह से चर्चा करेगी। यह चर्चाएं तो पिछले 50 दिनों से चल रही हैं। अगर इन दरों पर चर्चा ही कररनी थी तो आज ही अदाणी प्रबंधन के अफसरों को वार्ता में शामिल कर आज ही चर्चा कर  दी जाती। सुक्‍खू सरकार न जाने क्‍यों आपरेटरों व अदाणी प्रबंधन के अफसरेां को आमने सामने करने से कतरा रहीहैं।

अदाणी प्रबंधन को इस तरह से अलग से तरजीह देना सरकार के लिए ठीक नहीं हैं।

सुक्‍खू पहले दिन से कहते आ रहे है यह गतिरोध सर्वमान्य हल से दूर होना चाहिए। उन्होंने आज भी कहा कि सरकार का मत है कि फैक्टरी में कार्य शुरू होना चाहिए और ट्रक आॅपरेटरों सहित वहां कार्य करने वाले कर्मचारियों का भविष्य भी सुरक्षित हो। अब सरार के अधिकारी अदाणी प्रबंधन के अधिकारियों से दो दिनों  में प्रस्‍तावित भाडे पर चर्चा करेंगे और वह तब मुख्‍यमंत्री को बताएंगे व मुख्‍यमंत्री तब आपरेटरों से बात करेंगे। यही सिलसिला चलता रहेगा। यह अपने आप अजीब हैं।

सरकार को अदाणी समूह ने बुरी तरह से फंसा दिया हैं व यह  विवाद सुक्‍खू सरकार के गले का फांस बन गया हैं। लेकिन आपरेटरों के लिए मुश्किलें खडी हो गई हैं।

आज की वार्ता में  बी.डी.टी.एस. बरमाणा, सोलन जिला ट्रक आॅपरेटर, बाघल लैंडहोल्डर्स, गोल्डन लैंड लूजर, अंबुजा दाड़ला कसलोग मांगू, कूरगन लैंड लूजर तथा माइनिंग लैंड लूजर के प्रतिनिधि शामिल थे।

 

बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चैहान, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, राजेश धर्माणी, रणधीर शर्मा, जे.आर.कटवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव परिवहन आर.डी. नजीम, निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति  तथा निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।