शिमला। हिमाचल प्रदेश के राज्यत्व दिवस के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह के मौके पर आज तमाम नेताओं ने पीठ के बोझ को कम करने में प्रदेश के सभी मुख्‍यमंत्रियों की ओर से दिए गए योगदान को याद किया भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नडडा ने प्रदेश के पहले मुख्‍यमंत्री डाक्‍टर यशवंत सिंह परमार को याद करते हुए कहा कि योजना आयोग ने जब उनसे प्रदेश की प्राथमिकताओं को लेकर पूछा तो उनका जवाब था सडक , सडक और केवल सडक । नडडा ने कहा कि परमार जानते थे कि पहाड के लोगों की पीठ का बोझ अगर उतर गया तो पहला पडाव पार कर लिया।
इसी तरह मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी अटल ग्रामीण सडक योजना को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया। इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी याद किया। 25 जनवरी 1971 को इंदिर गांधी ने ही रिज पर आयोजित समारोह में हिमाचल को 18वां राज्‍य बनने की घोषणा की थी।

प्रदेश की विकास गाथा को याद करते हुए हिमाचल दिवस को आज रिज मैदान से लेकर जिला स्‍तर तक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

राज्यस्तरीय कार्यक्रम में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय बतौर मुख्य अतिथि जबकि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केन्द्रीय वित्त एवं कार्पोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर विशेष रूप से इस समारोह में शामिल हुए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस समारोह में शामिल नहीं पाए।वह आभासी तौर पर भी नहीं जुड पाए। हालांकि मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर बीती शाम को कहा था कि अमित शाह आनलाइन जुडेंगे।

स्‍वर्ण जयंती समारेह के मौके पर राज्यपाल बंडारू दतात्रेय ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देव भूमि और वीर भूमि के नाम से भी जाना जाता है। प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा से लेकर कैप्टन विक्रम बत्रा जैसे जांबाजों ने अपनी वीरता और सर्वाेच्च बलिदान से राष्ट्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

जगत प्रकाश नड्डा ने इस मौके पर कहा कि प्रदेश के लोग भाग्यशाली हैं कि वे इस ऐतिहासिक समारोह के साक्षी बने हैं। प्रदेश की विकास यात्रा अत्यन्त कठिन रही लेकिन समय-समय पर मिले मजबूत नेतृत्व व प्रदेश के मेहनती लोगों ने चुनौतियों को अवसरों में बदला और विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास किया।
नड्डा ने प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डा वाईएस परमार के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, शांता कुमार, राम लाल ठाकुर और प्रेम कुमार धूमल के योगदान को भी याद किया।
उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर प्रदेश को विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा दिया है और उनकी विशेष रूचि और उदारता के कारण ही अटल टनल का कार्य पूर्ण हुआ। उन्होंने इस मौके पर मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर की पीठ भी थपथपाई।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश ने अब तक जो कुछ भी हासिल किया है वह यहां के ईमानदार और मेहनती लोगों के कारण संभव हो सका है।उन्होंने कहा कि प्रदेश ने अपनी विकास यात्रा लगभग शून्य से आरम्भ की और पिछले 50 सालों में हासिल उपलब्धियां न केवल पहाड़ी राज्यों बल्कि देश के अन्य बड़े राज्यों के लिए भी आदर्श

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्ण राज्यत्व दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह को साल भर 51 कार्यक्रम आयोजित कर शानदार तरीके से मनाएगा। इससे प्रदेश के 50 वर्षों की विकास यात्रा में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। सरकार राज्य के उन लोगों को भी सम्मानित करेगी जिन्होंने प्रदेश के विकास, खेल, संस्कृति, कला और समाज सेवा आदि क्षेत्रों में राज्य को गौरवान्वित किया है। इसके अलावाए हिमाचल को देश का सर्वाधिक विकसित राज्य बनाने के लिए लोगों से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे।

जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है जिससे प्रदेश व राज्य भी अछूता नहीं रहा

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में 37808 किलोमीटर लम्बी सड़कें, 2226 पुल हैं और 10508 गांवों को सड़क सुविधा प्रदान की जा चुकी है।

केंद्रीय वित राज्‍य मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी इस मौके पर अपन विचार रखे।

इससे पूर्व दत्तात्रेय ने राष्ट्रीय ध्वज का अनावरणए परेड़ का निरीक्षण किया व राज्य पुलिस और एनसीसी कैडेट द्वारा प्रस्तुत शानदार मार्च पास्ट की सलामी ली।

इस मौके एक कॅाफी टेबल बुक स्वर्णिम हिमाचल का भी विमोचन किया गया और स्वर्ण जयंती पर एक डाक टिकट भी जारी किया गया।