शिमला। केंद्र सरकार के निर्देशों पर विभिन्‍न छूटों के साथ पूर्णबंदी को 30 जून तक बढ़ाते हुए प्रदेश की जयराम सरकार ने कल सोमवार से प्रदेश के सरकारी कार्यालयों सौ फीसद कर्मचारियों को काम पर बुला लिया है। इसके अलावा शर्तों के साथ होटलों, रेस्‍तराओं व ढाबों को खोलने की इजाजत भी दे दी है। साथ ही धार्मिक स्‍थलों को खोलने का फैसला भी लिया गया है।

 

अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव आरडी धीमान की ओर से आज देर शाम जारी आदेश के मुताबिक कर्मचारियों और अधिकारियों के कार्यालय पहुंचने  का समय अलग –अलग होगा। आधे कर्मचारी दस बजे डयूटी पर आएंगे और बाकी आधे साढ़े दस बजे ताकि भीड़ का कम किया जा सके।इसी तरह शाम को भी पांच व साढ़े पांच बजे छुटटी होगी।

सरकार ने प्रदेश की सभी सरकारी विश्‍वविदयालयों,शोध संस्‍थानों  आइएचबीटी,सीएसआइआर,आइआइटी, आइआइएम,आइआइआइटी और एनआइटी में काम कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों को भी अब इन संस्‍थानों में सौ फीसद हाजिरी लगानी होगी।इन संस्‍थानों में छात्रों व नियमित शैक्षणिक अकादमिक और शोध गतिविधियों शामिल कर्मचारियों की हाजिरी  को लेकर अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे। इसी तरह सरकारी व निजी स्‍कूलों को खोलने व छज्ञत्रों की हाजिरी के अलावा शिक्षकों व गैर शिक्षकों की हाजिरी को लेकर भी अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे।उन्‍होंने अपने आदेश में कहा कि यह आदेश कंटेनमेंट जोन में स्थिति संस्‍थानों में लागू नहीं होंगे।

उधर, मुख्‍य सचिव अनिल खाची की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि शाम आठ बजे से सुबह छह बजे तक राज्‍य भर में लोगों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी।

इसके अलावा प्रदेश के सभी धार्मिक स्‍थलों को भाषा, कला व संस्‍कृति विभाग की ओर से मानक प्रक्रिया जारी करने के बाद स्‍थानीय लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।होटलों को पर्यटन से अलग कामों के लिए खोलने की इजाजत दे दी गई।होटलों में कार्यालय व कारोबार के काम कराने के लिए आने वाले लोगों ठहराया जा सकता है।हिमाचलियों को भी होटलों में ठहराया जा सकता है।दूसरे राज्‍यो ंसे आने वाले सैलानियों को अगले आदेशों क किसी भी कीमत पर नहीं ठहराया जा सकेगा।

रेस्‍तरांओं व ढाबों में  बैठने की साठ फीसद क्षमता तक लोगों को बैठने की इजाजत होगी व इन्‍हें यहां पर भोजन व पेय सामाग्री परोसी जा सकेगी।यह सब पर्यटन विभाग की ओर से जारी मानक प्रक्रिया के तहत होगा।

रेल व उड़ानों से  राज्‍य की सीमा से आने व जाने वालों की आवाजाही कर्फ्यू में छूट के दौरान ही होगी। दूसरे राज्‍यों से आने वाले औदयोगिक कामगारों,उदयोगपतियों,व्‍यापारियों,कच्‍चे माल की आपूर्तिकर्ताओं,सेवा प्रदाताओं और निरीक्षण अधिकारियों की आवाजाही केंद्रीय निर्देशों के तहत नियंत्रित की जाएगी।

दूसरे राज्‍यों को जाने व प्रदेश में प्रवेश करने के लिए पास की जरूरत होगी।रोजाना व सप्‍ताह के अंत में दूसरे राज्‍यों से प्रदेश के लिए आवाजाही करने वाले लोगों के लिए क्‍वांरटीन की छूट वाले पास जारी किए जाएंगे। खाची की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक सभी तरह की अंतरराज्‍यीय आवाजाही  के लिए पास की जरूरत होगी।ये पास नोडल अधिकारी व जिला उपायुक्‍त जारी करेंगे।दूसरी राज्‍यों से आने वाले लोगों के लिए केवल जरूरत देख कर पास जारी किए जाएंगे।

सार्वजनिक वाहनों को दूसरों राज्‍यों में नहीं जाने दिया जाएगा जबकि टैक्‍सी जिला उपायुक्‍तों की अनमुति के बाद दूसरे राज्‍यों से आ जा सकेगी।राज्‍य के भीतर अंतरजिलों में वाहनों की आवाजाही के लिए अब पास जरूरी नहीं है।हिमाचल परिवहन निगम की बसें राज्‍य के भीतर साठ फीसद यात्रियों के साथ चल सकेगी।नए आदेशों के मुताबिक अब शैक्षणिक संस्‍थानों को क्‍वांरटीन केंद्रों के रूप में इस्‍तेमाल नहीं किया जर सकेगा।

खाची ने कहा कि  प्रदेश में ये आदेश एक जून से तीस जून तक लागू रहेंगे।

 

कर्फ्यू में 14 घंटों की छूट

उधर,राज्य सरकार ने  प्रदेश अब कर्फ्यू में सुबह 6 से शाम 8 बजे तक 14 घंटें की छूट देने का  एलान किया है। एक जून से प्रदेश कुछ शर्तो के साथ खोलने की शुरूआत कर दी है।मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि आम लोगों को सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस के दृष्टिगत आयोजित वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान कहा कि अंतर जिला बसें सोमवार से शुरू हो जाएंगी इसलिए बसों में और बस अड्डों पर उचित सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए।  उन्होंने कहा कि उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को सभी बस अड्डों पर भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बसों में 60 फीसद से अधिक यात्री नहीं होने चाहिए और चालक, परिचालकों को स्वास्थ्य विभाग के सभी सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सूचना शिक्षा और संचार से सम्बन्धित प्रभावी प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को सामाजिक दूरी के प्रति जागरूक करने के लिए बस अड्डों व अन्य स्थानों पर होर्डिंग लगाने, लोगों को मास्क का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के अलावा और उद्घोषणाओं के लिए ध्वनि प्रसार संयत्र की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जिलों में लोगों की आवाजाही के लिए बिना किसी पास के अनुमति होगी लेकिन अंतरराज्यीय आवाजाही के लिए पास की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लोगों को क्वारंटीन में रहना होगा। उन्होंने कहा कि रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा और अन्य क्षेत्रों से आने वाले लोगों को होम क्वारंटीन में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वारंटीन में रखे गए लोगों को कोविड-19 टैस्ट नेगेटिव आने के बाद ही घर जाने की अनुमति दी जाएगी।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि 25 अप्रैल से अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 1.60 लाख से अधिक हिमाचलवासी राज्य में लौट चुके हैं। लगभग 91000 को होम क्वारंटीन और 7000 से अधिक को संस्थागत क्वारंटीन में रखा गया है।