शिमला। राजनीतिक पार्टियों की राजनीति के बीच कोटखाई में दसवीं की छात्रा के साथ हुए गैंग रेप व उसके कत्‍ल के अलावा एक आरोपी की पुलिस लॉकअप में कत्‍ल हो जाने के विरोध में शिमला पूरी तरह से बंद रहा हैं।शिमला के अलावा प्रदेश के बाकी हिस्‍सों में भी बंद का अच्‍छा खासा प्रभाव पड़ा।

दूसरी ओर मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह अपने खास मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ राजभवन गए और राज्‍यपाल आचार्य देवव्रत को पूरी स्‍िथति से अवगत कराया। उधर, इस कांड की जांच करने के लिए सीबीआई की टीम दिल्‍ली से अपने मिशन के लिए चल पड़ी हैं। राजभवन से  लौटने के बाद शाम को मुख्‍यमंत्री  ने  प्रदेश वासियों  से शांति बनाए रखने की  आहवान किया ।

उधर,प्रशासनिक तौर पर महिला आईपीएस अफसर सौम्‍या सांबशिवन ने बेहद चुनौतीपूर्ण स्थितियों व समय में एसपी शिमला का कार्यभार संभाल लिया। इस पद से देर रात को एसपी डोंडुप वांग्‍शुक नेगी को हटा दिया गया था।

सुबह साढ़े ग्‍यारह बजे  राजभवन में राज्‍यपाल आचार्य देवव्रत व 83 वर्षीय सीएम  वीरभद्र सिंह के बीच बैठक हुई व राज्‍यपाल ने वीरभद्र सिंह को इस मामले में निष्‍पक्ष जांच के आदेश दिए ।साथ ही राज्‍यपाल  ने  जनता के आक्रोश से भी सीएम को अवगत कराया।ये दिलचस्‍प था

राजधानी  शिमला के माल रोड़ समेत सारे बाजपूरा दिन बंद रहे, माल रोड़ पर एक भी दुकान व रेस्‍तरां नहीं खुला। ये पहली बार था कि मालरोड पर सारे शटर बंद रहे हो। इसके अलावा शहर के आसपास के बाकी उपनगरों में भी दुकानें व व्‍यापारिक प्रतिष्‍ठान बंद रहे। सुबह साढ़े दस बजे के करीब भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज  की अगुवाई  में  भाजपा ने विक्‍ट्री  टनल  पर चका जाम  नहीं किया। हालांकि जाम  में  ज्‍यादा लोग नहीं जुटे ।इसके बाद एबीवीपी से  जुड़े छात्रों ने माल  व  रिज  पर  प्रदर्शन किया । भाजपा ने  माल  रोड़ व रिज पर प्रदर्शन किया  व रैली निकाली। रिज पर  गांधी के प्रतिमा के  सामने  भी  भीड़ एकत्रित  हुई  व भाजपा  में  हाल  ही में  शामिल हुए  चौपाल के  विधायक बलबीर  वर्मा ने शक्ति प्रदर्शन किया।भाजपा  ने  राजभवन जाकर राज्‍यपाल को ज्ञापन सौंपा।

उधर,नागरिक सभा के बैनर तले वामपंथियों ने भी डीसी आफिस से लेकर सचिवालय तक रैली निकाली व सचिवालय के बाहर धरना दिया।इस बीच सचिवालय पर  पथराव भी किया गया।

कोटखाई व ठियोग में  भी  पूर्ण बंद रहा व वीरभद्र सरकार और पुलिस के  खिलाफ जमकर  नारेबाजी  की  गई  ।

मुख्यमंत्री ने की शांति बनाए रखने की अपील-:

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि शिमला जिला के कोटखाई में एक स्कूल छात्रा के साथ दुराचार के बाद उसकी निर्मम हत्या के दोषियों को कड़ी सजा और गुड़िया के परिजनों को इंसाफ दिलाने में सरकार पूर्ण सहयोग दें।

उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरा हिमाचल प्रदेश आहत है।  मैं व्यक्तिगत रूप से तथा हिमाचल प्रदेश की समस्त जनता इस हृदयविदारक घटना से आहत एवं दुःखी है। गुड़िया के गुनाहगारों को जल्दी से जल्दी पकड़ कर सजा दिलाने के लिए सरकार ने 10 जुलाई, 2017 को इस निर्मम घटना की जांच के लिए एस.आई.टी. का गठन किया, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए और 13 जुलाई को ही 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि घटना के प्रति जन संवेदनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने 13 जुलाई को केन्द्र को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाने की सिफारिश की। यही नहीं, व्यक्तिगत रूप से भी उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मामले की सी.बी.आई. द्वारा तुरंत जांच करवाने के लिए आग्रह किया। सरकार ने अपने महाधिवक्ता के माध्यम से उच्च न्यायालय में भी अपील की कि सी.बी.आई. को अविलम्ब इस मामले की जांच के निर्देश दिए जाएं जिसके कारण उच्च न्यायालय ने सी.बी.आई. को दो दिन के भीतर इस मामले की जांच के लिए एस.आई.टी. गठित करने तथा दो सप्ताह में स्टेट्स रिपोर्ट दायर करने के भी आदेश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य गुड़िया के दोषियों को उनके किए की सजा दिलाकर उसके परिवार को न्याय दिलाना है। प्रदेश की प्रबृद्ध जनता भी यही चाहती है। इसलिए समस्त प्रदेशवासियों से अनुरोध है कि इस मामले को उसके सही अंजाम तक पहुंचने में सरकार को पूर्ण सहयोग करें और कानून एवं व्यवस्था को अपने हाथ में न लें। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वह शांति और सयंम बरतें तथा सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान न पहुंचाएं क्योंकि इससे किसी का कोई भला नहीं होने वाला है। सरकार ने 19 जुलाई को कोटखाई थाने में एक आरोपी की हिरासत में हुई हत्या की जांच न्यायिक दण्डाधिकारी ठियोग से करवाने के निर्देश दिए हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

उन्होंने दुख जताया कि कुछ दिनों से कुछ राजनीतिक दल तथा शरारती तत्व इस दुर्भाग्यपूर्ण मामले का भी राजनैतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं तथा तरह-तरह की भ्रांतियां फैला कर सामाजिक माहौल को खराब कर रहे हैं। सरकार भलीभांति समझती हूं कि इस जघन्य मामले के प्रति प्रदेशवासियों में आक्रोश है। जनता से आग्रह है कि संवेदनाओं के इस सैलाब में सयंम और शांति बनाए रखें तथा उनके बहकावे में न आएं।