शिमला। कोटखाई के थाना में दसवीं क्‍लास की छात्रा को 4 जुलाई को अगवा कर उससे गैंगरेप व उसके बाद उसका बेरहमी से कत्‍ल करने वालों को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई हैं।इस छात्रा की नग्‍नावस्‍था में लाश 6 जुलाई को मिली थी।

पुलिस मुख्‍यालय की ओर से गठित एसआईटी के मुखिया आई जी दक्षिणी रेंज एच एस जैदी  ने कहा है कि अभी तक किसी को भी अरेस्‍ट नहीं किया हैं। एक और युवक को शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही हैं। पुलिस अब तक पांच युवकों को हिरासत में ले चुकी हैं।जिस पांचवें युवक को हिरासत में लिया हैं वो हिलाइला गांव का बताया जा रहा हैं।

हिमाचल में अपनी तरह के इस गैंगरेप व निर्मम कत्‍ल के मामले में पुलिस के हाथ एक सप्‍ताह बीत जाने के बाद भी खाली रहने से पुलिस के प्रोफेशनलिज्‍म पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।बीते दिनों डीजीपी सोमेश गोयल ने कहा था कि उन्‍हें तकनीकी तौर पर कोई लीड मिली हैं। लेकिन कहीं कुछ नहीं हुआ हैं। हालांकि पुलिस ये दावा जरूर कर रही है कि वो इस कांड को ‘क्रैक’ करने के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं।

बीते रोज इस कांड पर वीरभद्र सरकार और उनका पुलिस विभाग पूरी तरह से खामोशी ओढ़े रहा। आधिकारिक तौर पर कोई कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।शिमला पु‍लिस के क्राइम ब्‍लाग में एफआईआर तक का जिक्र नहीं हैं।जिससे कई संदेह खड़े हो रहे हैं।

एसपी शिमला डी डब्‍ल्‍यू नेगी और डीजीपी तक कोई अपनी जुबान नहीं खोल रहे हैं। एसआईटी के मुखिया आईजी जैदी के कार्यालय से बताया गया कि पिछले तीन दिनों से वो कोटखाई में डेरा डाले हुए हैं। मुश्किल से जैदी के मोबाइल पर मीडिया के किसी पत्रकार की बात हुई तो उन्‍होंने केवल इतना बताया की पांचवां युवक हिरासत में लिया हैं। अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई हैं। सरकार की ओर से खामोशी बरतने की वजह से अफवाहों का बाजार गर्म हैं।हालांकि आइजी जैदी को एक प्रोफेशनल पुलिस अफसर माना जाता हैं।

 

दसवीं की जिस छात्रा  के साथ गैंगरेप व नृशंस कत्‍ल का ये वाक्या हुआ हैं, बताते हैं वो परिवार गरीबी रेखा से नीचे की लाइन से संबंधित हैं। कोई राजनीतिक रसूख भी उनका नहीं हैं। ऐसे में तरह–तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं।

उधर, भाजपा-कांग्रेस इस कांड पर राजनीति करने पर आ गए हैं। बताते है कि इस कांड में जिनके नाम शक के आधार पर उभर कर आ रहे हैं वो सब रसूखदार हैं व उनके राजनीतिक कनेक्‍शन भी सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया में तो बहुत कुछ आ रहा हैं, जिसे आधिकारिक खोमोशी ने और हवा दी हैं।

हालांकि शिमला पुलिस ने जनता से अपील की है कि वो अफवाहें व सोशल मीडिया में  अफवाहें व तस्‍वीरें शेयर न करे।  पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश की आड़ ली हैं।लेकिन आधिकारिक तौर पर मामले को लेकर जुबान भी नहीं खेल रही हैं। अगर सरकार व पुलिस जुबान नहीं खोलेंगी तो अफवाहों व शंकाओं को बल मिलता हैं।

ये पहली बार हुआ हैं कि प्रदेश में इतना बड़ा कांड हो गया हैं और सरकार खोमोशी की चादर ओढ़ रही हैं जबकि ऐसे मामलों में ब्रिफिंग तो की ही जानी चाहिए, ताकि अफवाहें न उड़े।

चलते-चलते-: कोटखाई गैंगरेप व मर्डर कांड में पुलिस ने एक को अरेस्‍ट कर लिया हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई हैं।अपडेट के लिए लॉग ऑन करे-:reporterseye.com