शिमला।बिलासपुर जिला के कांग्रेस पार्टी  के विधायक बंबर ठाकुर ने  मुख्‍यमंत्री वीरभद्रके लाडले कांग्रेस नेता ,पूर्व मंत्री व 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अध्‍यक्ष राम लाल ठाकुर  व कैश फार क्‍वैशचन पर पहले फंसे थे भाजपा के नेता सुरेश चंदेल पर खैर कटान को लेकर हमला बोलकर सभी को हैरान कर दियाा है। साथ ही प्रदेश में सरकार की नाक के नीचे  चले रहे अवैैध धंधों का पर्दाफाश भी कर दियाा है और वीरभद्र सिंह के लाडलों की आपसी लड़ाई को भी जगजाहिर कर दिया है।

बंबर ठाकुर जिला बिलासपुर के झंडुता से कांग्रेस के विधायक है।वो  ठेकेदारी करते रहे है।लेकिन उन्‍होंने आज फेसबुक पर पोस्‍ट डाल कर रामलाल ठाकुर क जंगकी चुनौती दे दी है।उन्‍होंने लिखा कि रामलाल ठाकुर व  भाजपा के पूर्व सांसद सुरेश चंदेल अखबारों में खैर के अवैध कटान की खबरे छपवाते रहें।उन्‍होंने ये भी लिखा कि डीएफओ स्‍वारघाट राम लाल ठाकुर व सुरेश चंदेल के चहेते है।

बंबरठाकुर ने ये फेसबुक पर ये पोस्‍ट डालकर वीरभद्र सिंह सरकार को ही जाने -अनजाने  में  कटघरे में खड़ा कर दिया है।उन्‍होंने यही नहीं किया। इस अवैध कटान की जांच विजीलेंस या स्‍टेट पुलिस से नहीं सीधे सीबीआई से  या प्रदेश हाईकोर्ट से करवाने की मांग की है।उन्‍होंने वीरभद्र सिंह से इस तरह की जांच करवाने का आग्रह फेसबुक पर ही कर दिया हैलेकिन मुश्किल ये है कि वीरभद्र सिंह केखिलाफ सीबीआई खुद भ्रष्‍टाचार व आय से अधिक संपति के मामले में जांच कर रही है। सीबीआई की निष्‍पक्षता पर खुद वीरभद्र सिंह सवाल उठा चुके है। ऐसे में उनकी ही पार्टी  के एमएलए  सीबीआई जांच की मांग कर दें तो साफ है कि सता में सरकार के विधायक को प्रदेश की जांच एजेंसियों पर भरोसा  नहीं है।

इस कांड  पर वीरभद्र  सिंह क्‍या करते है ये तो देखना बाकी है लेकिन प्रदेश में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है ये साफ है।

बंबर ठाकुर ने अपने फेसबुक वाल पर जो पोस्‍ट डाली है वो पूरी तरह  यहां पेश की जा रही  है।इस पोस्‍ट से साफ है कि  सरकार में क्‍याचल रहा है  व सरकार के मुखिया के करीबी क्‍या धंधा चलाए हुए है-:

Bumber Thakur

9 hrs ·

गत वर्ष 2015-2016 मे जिला बिलासपुर मे फोरेस्ट रेंज कलोल सदर स्वारघाट व नैना देवी मे जो खेर कटान हुआ जिसमे तत्तकालीन DFO स्वारघाट ने सभी डिपुओं का स्वयं निरीक्षण किया व् कुछ दिनों के लिए फोरेस्ट रेंज सदर मे ख़ैर कटान के उपर रोक लगा दी।क्यूँकि पूर्व वन मंत्री राम लाल ठाकुर व पूर्व सांसद श्री सुरेश चंदेल लगातार अखबारो मे अवैध कटान की खबरें छपावा रहे थे जिसके उपर DFO स्वारघाट ने तीन कमेटियां बनाई और उपरोक्त कमेटियों ने निरीक्षण करने के बाद ख़ैर कटान व ख़ैर निर्यात पर से रोक हटाने के आदेश जारी कर दिए क्योंकि कमेटियों की जाँच मे कुछ भी गलत नही पाया गया अगर कुछ गलत था तो पूर्व सांसद श्री सुरेश चंदेल व पूर्व वन मंत्री श्री राम लाल ठाकुर यह बताएं की उनके चहेते DFO स्वारघाट ने उस वक्त कोई कार्यवाही क्यों ना की अगर कुछ गलत हुआ था तो DFO स्वारघाट बताएं की उनके कागजो मे 5 हजार प्रति डिपू के उपर पनल्टी लगा के निर्यात पत्र जारी किया था ।अगर यह ख़ैर की लकड़ी अवैध पाई गई थी तो उस वक्त ख़ैर लकड़ी के अस्थाई डिपुओं को शील क्यों नही किया और उनके निर्यात पत्र किसकी मिली भगत से उन डिपुओं के निर्यात पत्र जारी किये ।अतः मुख्यमंत्री श्री राजा विरभद्र सिंह जी से गुजारिश है की वर्ष् 2015-16 मे वन रेंज कलोल और झंडूत्ता सदर स्वारघाट और नैना देवी मे जो भी ख़ैर कटान हुआ है उसकी जाँच सी बी आई या हाई कोर्ट के पूर्व न्यायधीश से करवाई जाये क्योंकि छोटे कर्मचारियों के उपर गाज गिरा कर तत्कालीन DFO स्वारघाट के गुनाह को छुपाया नही जा सकता।