शिमला ।गंदे पानी की आपूर्ति से पीलिया फैलने के मामले के तीन आरोपियों को शिमला की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन आरोपियों में सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ हेमचंद चौहान और एक्सईएन विनोद कुमार समेत मल्याणा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के ठेकेदार अक्षय डोगर शामिल हैं। शिमला के […]
शिमला ।गंदे पानी की आपूर्ति से पीलिया फैलने के मामले के तीन आरोपियों को शिमला की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन आरोपियों में सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ हेमचंद चौहान और एक्सईएन विनोद कुमार समेत मल्याणा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के ठेकेदार अक्षय डोगर शामिल हैं।
शिमला के पुलिस अधीक्षक डीडब्लयू नेगी ने बताया कि “पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद दो आरोपियों अक्षय डोगर और हेमचंद चौहान को आज अदालत में पेश किया और इन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। जबकि इस मामले में गिरफतार किए गए एक्सईएन विनोद कुमार को कल शाम न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।“
इस बीच बीमारी के कारण एक्सईएन विनोद कुमार और ठेकेदार अक्षय डोगर बीते दो दिनों से आईजीएससी में भर्ती हैं। सीने में दर्द की शिकायत से एक्सईएन का यहां उपचार चल रहा है। जबकि अस्पताल में दाखिल ठेकेदार अक्षय डोगर भी पीलिया की चपेट में आ गया है। चिकित्सकों के अनुसार अक्षय की आज प्राप्त हुई टेस्ट रिपोर्ट में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं।
शिमला में पीलिया फैलने के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने उक्त आरोपियों को गिरफतार किया था। इन तीनों पर आरोप है कि इन्होंने ड्यूटी के दौरान अपने काम में लापरवाही बरती और इस वजह से शहर में पीलिया का संक्रमण फैल गया।
एसआईटी ने ढली व मल्याणा सीवरेज सन्यत्रों के ठेकेदार अक्षय डोगर को 29 जनवरी को हिरासत में लिया था और इसके अगले दिन आईपीएच का एसडीओ हेमचंद चोहान गिरफतार हुआ था। 31 जनवरी को इस मामले से जुड़े आईपीएच विभाग के एक्सईएन विनोद कुमार को भी पकड़ लिया गया था।
इधर, पीलिया मामले की जांच में जुटी एसआईटी ने आज अश्वनी खड्ड पंपिंग स्टेशनों के 10 कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। अश्वनी खड्ड से जिस पानी की आपूर्ति शहर को हुई, वही पीलिया फैलने का कारण बनी। अबएसआईटी इस पूरा इस मामले में फारेंसिक विशेषज्ञों की भी मदद ले रही है।
गौरतलब है कि शिमला में पीलिया फैलने के मामले में पुलिस ने 6 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस प्रशासन ने 17 जनवरी को मामले की छानबनी के लिए एसआईटी गठित की थी। अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि मल्याणा सीवरेज सन्यत्र से गंदा पानी अश्वनी खड्ड में बहाया जा रहा है और यह सब आईपीएच के आला अफसरों व ठेकेदार की मिलीभगत से हो रहा था। शिमला में पीलिया मरीजों का आंकड़ा चार हजार पार कर गया है। इसके संक्रमण से शहर में चार लोगों की जानें भी गई हैं। शिमला से सटे सोलन शहर में भी अब पीलिया का प्रकोप फैल गया है।
