शिमला। केजरीवाल की हिमाचल आम आदमी पार्टी के संयोजक राजन सुशांत का इस्‍तीफा आलाकमान ने नामंजूर कर दिया है। उन्‍होंने उना के नेता अनिल जोशी के इस्‍तीफे को आलाकमान की ओर से नामंजूर करने से खफा होकर संयोजक पद से इस्‍तीफा देकर इसे आलाकमान को भेज दिया है।सुशांत ने अनिल जोशी का इस्‍तीफा मंजूर कर लिया था लेकिन आला कमान ने जोशी के इस्‍तीफे को नामंजूर कर दिया था।जिससे सुशांत नाराज हो गए थे।

आम आदमी पार्टी के शिमला जोन के संयोजक डीएस पथिक ने कहा कि आलाकमान ने सुशांत का इस्‍तीफा नामंजूर कर दिया है।उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें पहले की तरह जिम्‍मेदारी संभालने को कहा है।

इस तरह आम आदमी पार्टी की हिमाचल इकाई में चल रहा घमासान बाहरी तौर पर बेशक थम गया है लेकिन अंदर ही अंदर आग सुलगी हुई है।पिछले महीने आम आदमी पार्टी की शिमला में हुई बैठक में फैसला लिया गया था अब सारे फैसले संसदीय कार्य समिति ही करेगी। पीएसी के गठन की जिम्‍मेदारी सुशांत को दी गई थी।इससे पहले कि वो पीएसी का गठन करते उन्‍होंने खुद की पार्टी  में उठे अंतर्विरोधों के चलते संयोजक पद से इस्‍तीफा दे दिया।पार्टी की इस बैठक में ये भी विवाद उठा  कि दिल्‍ली की टीम अपना वर्चस्‍व बनाने के लिए अपने फैसले थोपती  है। विवाद यहां तक बढ़ा कि नेताओं ने यहां तक कह दिया कि या तो दिल्‍ली के नेता सारे फैसलें ले या फिर राज्‍य इकाई ।

इस पर  आप नेता संजय सिंह ने सुशांत को कमान थ्‍मा दी व उनके संयोजक पद के कार्याकाल को अप्रैल महीने तक बढ़ा दिया।लेकिन बाद में जोशी व सुशांत का नया विवाद  खड़ा हो गया।