शिमला। जयराम सरकार के पौने पांच साल के कार्याकाल में भी अवैध शराब का धंधा नहीं रुक पाया।  बीते रोज ही  प्रदेश केआबकारी विभाग  ने  2 लाख 10 हज़ार 50 लीटर अवैध शराब बरामद की है जिससे साफ है कि अवैध शराब के कारोबारी धडल्‍ले से अपना कारोाबर चलाए हुए हैं और डीजीपी संजय कुंडू  की कमान में पुलिस और मुख्‍य सचिव आर डी धीमान की कमान में नौकरशाही का अवैध कारोबारियों  को डर नहीं हैं। याद रहे बीते साल जहरीले शराब  पीने की वजह से मंडी में आधा दर्जन से ज्‍यादा लोगोंं की मौत हो गई थी व इस मामले में भाजपा  व कांग्रेस के लोगों शामिल पाए गए थे।
आबकारी विभाग ने तब अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ बडा अभियान चलाया था।  तब समझा गया था कि सरकार ने अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ मुहिम चलाकर नकेल कस दी है। लेकिन अब दई बरामदगी से साफ हुआ है कि यह अवैध कारोबार सरकर की नाक के नीचे अनवरत चला रहा है। नेताओं की शह कितनी रही होंगी इसका सबूत तो शायद ही कुंडू की पुलिस और धीमान की नौकरशाही लगा  पाए।
राज्य कर व आबकारी आयुक्त  यूनुस ने    कहा कि अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ जारी कार्रवाई में राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने  आबकारी राजस्व जिला  नूरपुर प्रभारी टिक्कम ठाकुर के नेतृत्व में  अधिकारियों की ओर से मिलवान, ठाकुरद्वारा, गगवाल, उलेहरियान, बरोटा और चक तेरियन के सीमावर्ती इलाकों में एक छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान गगवाल और चक तेरियन गांवों से लगभग 188000 लीटर (एक लाख अट्ठासी हजार लीटर) कच्ची  शराब  और 50 लीटर लाहन  जब्त  किया गया ।
हिमाचल आबकारी अधिनियम की धारा 39 के तहत मामला दर्ज किया गया है । कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए लाहन, तिरपाल और इस्तेमाल की गई अन्य सामग्री की  वीडियोग्राफी  की गई।  आबकारी अधिनियम के तहत  मौके पर  कच्ची शराब को नष्ट कर दिया गया और ड्रम, डिब्बे आदि को पुलिस द्वारा अपने कब्जे में  लिया गया  । विभाग  की ओर से  50 लीटर लाहन को कब्जे में  लिया है और  इस सबंध में  एफ आई आर दर्ज की गई है।
उन्‍होंने कहा कि इस कार्य  के लिए  आबकारी विभाग पंजाब, हिमाचल पुलिस व पंजाब पुलिस की मदद ली गयी।
 यूनुस ने कहा कि  एक अन्य मामले में जिला सिरमौर में  पांवटा साहिब  तहसील के खारा  के जंगल में  जिला प्रभारी हिमांशु पंवार की ओर से गठित टीम   ने पांवटा साहिब  के  खारा में 5 किलोमीटर जंगल मे  अंदर जा कर अवैध शराब की भट्टियों को कब्जे में लेकर  नष्ट किया । मौके पर तैयार कच्ची शराब के ड्रम ,टायर टयूब, और प्लास्टिक गैलन में भरी हुई 22 हज़ार लीटर  शराब*को  अधिकारियों ने आबकारी अधिनियम के तहत  नष्ट किया।
उन्‍होंने कहा कि  चुनावों  के मद्देनजर प्रदेश में किसी भी तरह की  अवैध शराब  का  कारोबार  पनपने  नही दिया जायेगा। विभाग  ने  इस कार्य हेतु  अपनी टीमें Task Force गठित कर दी हैं। इन  टीमों की ओर से  आज प्रदेश के विभिन्न भागों में आबकारी अधिनियम के तहत  औचक निरीक्षण किया गया जिसमें भारी मात्रा में कच्ची शराब  को अपने  कब्जे में लेकर नियमानुसार नष्ट कर दिया  गया ।
उन्‍होंने दिलचस्‍प दावा  किया कि आबकारी आयुक्त हिमाचल प्रदेश  ने बताया कि  चुनावों  के मद्देनजर   प्रदेश में अवैध शराब के प्रति विभाग जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।                                                                                                                                                  मदिरा से सम्बंधित किसी भी प्रकार की शिकायत निम्न पर कर सकते हैं :
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