शिमला।मजदूरों  की नजर में कारपोरेट घरानों की पक्षधर मानी जाने वाली केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की वीरभद्र सिंह सरकार पिछले आठ दिनों से दाड़ला में अंबुजा के सीमेंट कारखाने में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे मजदूरों तक अपना संदेशा नहीं पहुंचा पाए है। मजे की बात है कि इन बाबूओं ने अंबुजा सीमेंट कारखाने के प्‍लांट हैड से डिटेल मांगी व मजदूरों तक उनका ये संदेशा की वो अपनी बात उनके सामने रखे,देने का काम भी सौंप दिया। अंबुजा सीमेंट कारखाने के इन हड़ताली मजदूरों की माने तो उन्‍हें न तो  कंपनी ने वार्ता के लिए बुलाया है और न ही कंपनी हैड का कोई संदेशा  आया है।

चंडीगढ़ में मोदी सरकार  के श्रम विभाग में तैनाम इंनफोर्समेंट लेबर अफसर प्रेम सागर ने रिपोर्टर्ज आइ डाट कॉम से कहा कि उन्‍होंने प्‍लांट हैड से डिटेल मांगी  है।वो नहीं आएं है। ये पूछे जाने पर कि क्‍या हड़ताली मजदूरों से भी उनकी समस्‍याएं जानने की कोशिश की है। प्रेम सागर ने कहा कि प्‍लांट हैड को हड़ताली मजदूरों तक उनका संदेशा पहुंचाने  को कहा था  कि वो अपनी बात रखे। फिलहाल अभी कोई आया नहीं है।बहरहाल मजदूरों की फ्रैंच व रशियन क्रांतियां बेशक पिछली सदी में हो गई हो लेकिन सरकारों व कारपोरेट घरानों का माइंडसेट अभी भी बदला नहीं है।

उधर,अपनी मांगों को लेकर वामपंथी मजदूर संगठन सीटू से जुडें अंबुजा सीमेंट वर्कर्ज यूनियन के बैनर तले ये हड़ताली मजदूर अपना संघर्ष आज आठवें  दिन भी जारी रखे हुए है।मजदूरों ने रैली निकाली व जमकर नारेबाजी की।बीते रोज शुक्रवार को सीटू के प्रदेशाध्‍यक्ष जगतराम ने इन मजदूरों के संघर्ष का जायजा लिया और एलान किया कि अगर उनकी मांगी न मानी गई तो वो अपना आंदोलन तेज कर देंगे।उन्‍होने कहा कि श्रम कानूनों का उल्‍लंघन नहीं होने देंगे। उन्‍होंने मजदूरों से मंत्रणा भी की।

उधर,प्रदेश सरकार के इंफोर्समेंट लेबर अफसर विवेक नायक ने कहा कि 240 दिनों  तक लगातार काम करने वाले मजदूरों को नियमित किया  जाना है,केंद्र सरकार की ऐसी कोई अधिसूचना विभाग के पास नही है। हालांकि मजदूर यूनियन ने कई एक्‍टों  के प्रावधानों को व्‍हाट्सअप पर रिपोर्टर्जआइ डॉट कॉम तक पहुंचा दिया।उन्‍होनें कहा अब मामला मोदी  सरकार अधीन श्रम विभाग के  चंडीगढ़ कार्यालय में पुहंच गया है।यहां के अफसर प्रेम सागर से  इसी की बाद बात की गई थी। हालांकि प्रेम सागर ने कहा कि वो सोमवार के बाद दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कर कोई रास्‍ता निकालेंगे कंपनी से सारी डिटेल लेंगे।मजदूर भी अपनी बात रख सकते है।

उधर,सीटू के  पूर्णकालिक सदस्‍य प्रेम  चंदेल व अमरचंद गजपति ने कहा कि अगर कंपनी का अडि़यल रवैया ऐसा ही रहा तो कंपनी के कारनामों को ट्रक आपरेटर यूनियनों व पंचायतों व जनता के बीच ले जाया जाएगा।यूनियन के प्रधान लच्‍छी राम ने कहा कि जब तक ठेका मजदूरों को लेकर नीति नहीं बनती समझौता नहीं होगा।

दाड़ला मं अंबुजा सीमेंट कारखाने में संघर्षरत मजदूर रैली व प्रदर्शन करते हुए। ये तस्‍वीरें  शुक्रवार व शनिवार को हुई रैली व प्रदर्शन के है।यहां देखें तस्‍वीरें- :

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