शिमला। हिमाचल प्रदेश से खाली हो रही राज्‍यसभा की एक सीट के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। ये सीट भाजपा की राज्‍यसभा सांसद इंदु गोस्‍वामी का छह साल कार्याकाल समाप्‍त होने के बाद खाली हो रही है। इंदु गोस्‍वामी का कार्याकाल जून-जुलाई में समाप्‍त हो रहा है।

(याद रहे इंदु गोस्‍वामी को राज्‍यसभा भेजने  के लिए 2020 में जयराम ठाकुर और बाकी नेता तैयार नहीं थे। लेकिन भाजपा आलाकमान के एक फोन के बाद सबकी बोलती बंद हो गई थी और इंदु गोस्‍वामी आलाकमान की उड़ान के जरिए राज्‍यसभा के लिए उड़ गई थी। )

 

ये रहा राज्‍यसभा चुनाव का कार्यक्रम

इधर,इस बार भाजपा लोटस टू कर पाएंगी इस बावत बादल 9 मार्च को छंट जाएंगे और अगर भाजपा ने प्रत्‍याशी खड़ा किया तो 16 मार्च को मतदान तय है और ऐसे में पलड़ा किसी भी तरफ भारी पड़ सकता है। क्रास वोटिंग हुई तो भाजपा में मुख्‍यमंत्री सुक्‍खू की मित्रमंडली क्‍या करेगी इस पर भी पैनी नजर रहेगी। इसके अलावा कांग्रेस में सुक्‍खू के विरोधियों पर नजर हैं ही। खासकर हालीलाज कांग्रेस पर। लेकिन सुक्‍ख की मित्रमंडली के भी कई विधायक नाराज चल रहे है। ऐसे में कहीं भी कुछ भी हो सकता है।सुक्‍खू की मित्र मंडली बिखरी तो सरकार 2024 की तरह दोबारा संकट में आ जाएगी।

 

इधर,कांग्रेस की ओर से पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल को राज्‍यसभा भेजने का मंथन हो चुका है। यानी की महिला की जगह महिला ।लेकिन प्रदेश कांग्रेस के नेता इस बात से खार खाए हुए है कि पिछली बार भी कांग्रेस ने बाहर से प्रत्‍याशी खड़ा किया और पार्टी का बहुमत होने के बावजूद मुंह की खानी पड़ी।प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के कई बड़े नेता है जिन्‍होंने पार्टी के लिए अपनी पूरी जिंदगी दे दी है। लेकिन इनको राज्‍यसभा जाने का मौका नहीं मिल रहा है।

याद रहे 2024 में कांग्रेस के विधायकों ने विद्रोह कर दिया था और भाजपा से खड़े हुए प्रत्‍याशी पूर्व कांग्रेस मंत्री हर्ष महाजन को जीता कर राज्‍यसभा भेज दिया था। ये बड़ा उल्‍टफेर था। कांग्रेस के नामी वकील अभिषेक मनु सिंघवी चुनाव गए थे और मुख्‍यमंत्री की सुक्‍खू खूब फजीहत हुई थी। तब जैसे -कैसे सरकार बची थी। लेकिन कहा जा रहा है कि इस बार कांग्रेस आलाकमान चौंकन्‍ना है और सभी विधायकों पर नजर रखी जा रही है। लेकिन सभी को मालूम है कि जब भाजपा अपनी आंधी चलाती है तो वो विधायकों को तिनकों की तरह उड़ा कर ले जाती हैं।2024 में ये हिमाचल की जनता ने अपनी आंखों से देख लिया था। वैसे भी भाजपा के पास पैसों की कमी नहीं है।

 

उधर, मुख्‍यमंत्री से सुक्‍खू से बहुत से विधायक नाराज है और प्रदेश कांगेस के कई बड़े नेता राज्‍यसभा जाने के लिए तलबगार है,ऐसे में अगर रजनी पाटिल का नाम पीछे नहीं किया गया तो इस बार लोटस टू दोबार दोहरा दिए जाने का खतरा मंडराया हुआ है।

कहा जा रहा है कि ऐसा करके  कांग्रेस के ये नेता सुक्‍खू को सबक सिखाने की फिराक में है।याद रहे कांग्रेस पार्टी के दर्जनों नेताओं को सुक्‍खू ने हाशिए पर धकेल रखा है।सरकार व संगठन मे सुक्‍खू की मित्रमंडली जिंदाबाद है।ऐसे में कांग्रेस के कई नेता भाजपा के साथ संपर्क में हैं।लेकिन कई गुटों में बंटी भाजपा की ओर से अभी कहीं कोई पते नहीं खोले जा रहे है।

 

 ये है चुनाव का कार्यक्रम

भारतीय चुनाव आयोग के अवर सचिव राजेश कुमार सिंह की ओर से जारी चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक चुनावों के लिए अधिसूचना 26 फरवरी को जारी की जाएगी व 26 फरवरी से पांच मार्च तक नामांकन भरे जा सकेंगे।छह मार्च को नामांकनों की छंटनी होंगी और 9 मार्च तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो16 मार्च को मतदान होगा। उसी दिन गणना व परिणाम भी घोषित हो जाएगा। इस बार देश भर में राज्‍यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव हो रहा हैं। याद रहे राज्‍यसभा के लिए हर दो साल बाद चुनाव होते हैं।