शिमला।हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन मामले में पहले ही जांच के दायरे में  आए दो आईएस अधिकारियों के बाद अब मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के प्रधान निजी सचिव व प्रधान सचिव खेल सेवाएं वीसी फारका,केंद्र सरकार में सचिव उच्‍च शिक्षा अशोक ठाकुर व पूर्व सचिव रेवन्‍यू हरिंदर हीरा की भूमिका का लेखा-जोखा एसपी कांगड़ा के नोटिस में लाया गया है। उधर,एचपीसीए मामले में धूमल व उनके पुत्र अनुराग ठाकुर को बचाने की मुहिम छेड़ने वाले अफसरों  ने अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव गृह पी मित्रा को हटाने के लिए फारका को आगे तो किया था लेकिन सीएम ने मित्रा को हटाने से मना कर दिया है

उधर ,बुधवार को केबिनेट की बैठक के बाद मुख्‍यमंत्री ने एचपीसीए,फोन टेपिंग व बूट खरीद घोटाले में धीमी चल रही विजिलेंस जांच पर नाराजगी जाहिर करते हुए अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव गृह को तलब कर जांच तेज करने के निर्देश दिए है।

एचपीसीए मामले में बरती गई अनियिमितताओं का खुलासा करने वाले स्‍थानीय पत्रकार ने एसपी कांगड़ा  को 19 सितंबर को तीन पेज की एक चिटठी भेज कर लिखा था कि विजीलेंस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर से संबंधित मामले में उन्‍हें आगामी जांच के लिए अतिरिक्‍त जानकारी मुहैया कराई जा रही है। इस चिटठी  पर भी मुख्‍यमंत्री ने अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।

 

चिटठी में लिखा गया है कि 2002 में लीज रूल्‍ज में खेल संघों को जमीन लीज पर देने का प्रावधान ही नहीं है। इसके बावजूद तत्‍कालीन खेल सचिव अशोक ठाकुर ने एचपीसीए को लाभ पहुंचाने की नीयत से एक रुपए की लीज मनी पर 49118.25बीघा जमीन आवंटित कर दी।

 

2009 तक संशोधित हुए लीज रूल्‍ज के में दो बीघा जमीन देने का प्रावधानकिया गया लेकिन 2009में तत्‍कालीन रेवन्‍यू सचिव हरिंदर हीरा ने तत्‍कालीन खेल सचिव  वी सी फारका, ततकालीन तत्‍कालीन डीसी कांगड़ा आर एस गुप्‍ता के साथ मिलकर एचपीसीए को लाभ पुहंचाने के लिए 3-28 हैक्‍टेयर जमीन लीज पर आवंटित कर  दी। ये जमीन लीज पर नहीं दी जा सकती थी।एचपीसीए  ने एचपीसीए को सोसायटी से कंपनी में तबदील ही धोखा देने की नीयत से किया है।इसके अलावा  तत्‍कालीन रेवन्‍यू सचिव दीपक सानन और आर एस गुप्‍ता की कारगुजारियों का ब्‍योरा भी दे रखा है।चिटठी में लिखा गया है ये सारी जानकारी इसलिए दी जा रही है ताकि विजीलेंस  तेजी से जांच कर सके और तलाशी व जब्‍ती अभियान चला सके। इसके अलावा अपराधियों को अरेसट कियसा जा सके और सबूत एकत्रित किए जा सके। इस चिटठी  के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के टी टी एंजोनी बनाम स्‍टेट ऑफ केरल के मामले में सुनाए गए फैसले को भी साथ भेजा गया है।

सूत्रों के मुताबिक मुख्‍यमंत्री ने इस चिटठी का संज्ञान लेकर अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव पी मित्रा को तत्‍काल  कार्रवाई करने के आदेश दिए है। हालांकि इस मसले पर कोई भी अधिकारी आधिकारिक तौर पर जुबान खोलने को तैयार नहीं है। लेकिन सूत्र बताते है कि विजीलेंस की जांच में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर समेत करीब डेढ दर्जन लोगों के नाम एफआईआर में शामिल करने की सामाग्री मिल गई है व इसकी जानकारी  सचिवालय  स्‍तर भी पहुंचा दी गई है।एचपीसीए मामले को लेकर दर्ज एफआईआर में किसी का भी नाम नहीं है। मुख्‍यमंत्री इसी बात से नाराज थे कि सारे दस्‍तावेज मीडिया में आ चुकेहै इसके बावजूद एफआई आर में किसी का नाम नहीं है।