शिमला। जिला किन्‍नौर की मूरंग तहसील में स्थित टिंडोंग पन बिजली परियोजना की सूरंग में प्रेशर शाफट की रोपवे के टूटने से उसमें लगी ट्राली के पलट जाने से सूरंग के भीतर पांच मजदूर ट्राली के अंदर दब गए व इनमें से दो की मौत हो गई जबकि तीन को बचा लिया गया है।

जिला उपायुक्‍त किन्‍नौर आबिद हुसैन सादिक ने इस मामले की मजिस्‍ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए है और पूह के अतिरिक्‍त जिला दंडाधिकारी अश्विवन कुमार को जांच का जिम्‍मा दिया गया जो जिला उपायुक्‍त सात दिन के भीतर अपनी रपट सौंप देंगे। इस घटना को लेकर जिला प्रशासन ने कंपनी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 336 और 304 ए के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है लेकिन अभी तक किसी को भी गिरफतार नहीं किया गया है।

जानकारी के मुताबिक आज सुबह पौने छह बजे के करीब टिडोंग पन बिजली परियोजना के भीतर प्रैशर शाफट के रोपवे के टूटने से उसमें लगी ट्राली पलट गई व उसके नीचे पांच मजदूर दब गए व सभी सूरंग में फंस गए है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन व कंपनी प्रबंधन में हड़कंप मच और आनन फान में जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, आइटीबीपी के जवानों को बचाव कार्य में झोंक दिया इसके अलावा कंपनी के तमाम मजदूर व मशीनरी भी बचाव कार्य में लग गई व भारी मशक्‍त के बाद पांचों मजदूरों को सूरंग से बाहर निकाल लिया लिया । इस दौरान दो मजदूरों की मौत हो चुकी थी जबकि तीन बुरी तरह से घायल हुए है। तीनों घायलों को तुरंत रिकांगपिओ के अस्‍पताल में ले जाया गया व वहां से एक घायल मजदूर को रामपुर रेफर कर दिया गया। जिला उपायुक्‍त के सहायक आयुक्‍त मनीष शर्मा ने कहा कि बचाव कार्य ढज्ञई से तीन घंटे चला व सेना को भी तैयार रखा गया था लेकिन सेना के जवानेां को बचाव कार्य में लगाने की जरूरत नहीं पड़ी।

मृतकों में जिला हमीरपुर के भोरंज के गांव मुडंकर के चमनलाल (48) और झारखंड के गुमला के गांव सिसकारी टोली के जेवियर सोरेन (23) शामिल है जबकि घायलों में झारखंड के जिला खुंटी के पोलुस गुरिया, बिहार के चंपारन के विकास कुमार और विशाल कुमार शामिल है। यह सभी मजदूर इन परियोजना का निर्माण कार्य कर रही हिमालयन कंस्‍ट्रक्‍शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के थे ।