शिमला।चंबा के एक व हमीरपुर के दो लोगों के कोरोना विषाणु से संक्रमित पाए जाने के बाद प्रदेश  में कोरोना विषाणु से संक्रमित मरीजों की संख्‍या 38 हो गई है। जानकारी के मुताबिक 42 साल का ये शख्‍स पंजाब के डेरा बस्‍सी से 27 मार्च को चंबा आया था।वह वहां काम करता था।  इन्‍हें अलग से कवारंटीन केंद्र में रखा गया था ।यह अपने घर भी जा चुका है वइसे घर से उठाया गया था।  इसके आज नमूने जांच के लिए भेजे गए थे व यह पाजिटिव पाया गया है। अब कल उसके परिवार के अन्‍य सदस्‍यों के नमूने भी जांच के लिए लिए जाएंगे।

एसपी चंबा मोनिका भंगरोटू ने कहा कि जालंधर से लौटे जिस  व्‍यक्‍ति  का नमूना  बीते रोज पाजिटिव पाया गया था यह उसी के संपर्क में आया था।  आज उसके संपर्क में आए 70 लोगों  के नमूने लिए गए थे इनमें से एक पाजिटिव  पाया गया है। इनको थूलेल  के क्‍वारंटीन  केंद्र में रखा गया था।

 

इसके अलावा देर रात को हमीरपुर से लिए नमूनों की जांच रिपोर्ट में दो मामले पाजिटिव पाए गए है।  इनमें से एक हमीरपुर के वार्ड नबंर सात की महिला  है जबकि जोल सप्‍पड़ के गांव सोहर का युवक है। इन तीन नए मामलों समेत समेत प्रदेश में अब कोरोना के 21 मरीज हो गए है जो सक्रिय है । हमीरपुर  भी अब कोरोना पाजिटिव जिलों से जुड़ गया है। अभी तक यहां से एक भी शख्‍स पाजिटिव नहीं था।

इन मामलों के आने के बाद जिला प्रशासन  ने पूरे हमीरपुर  व जोल सपड़ को सील कर दिया है। अब यहां पर कर्फ्यू में मिल रही तीन घंटे की ढील को भी उठा लिया है। डीसी  हरकेश मीणा ने इस बावत अधिसूचना भी जारी कर दी है।

याद दो दिन पहले रोज टांडा अस्‍पताल में दो नमूने पाजिटिव पाए गए थे। ये लोग जालंधर से चोरी छिपे आए थे। इन दोनों के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है।इनमें से एक कांगड़ा के ज्‍वाली व दूसरा चंबा के सिहुंता का था। अब तीन नए  मामले सामने आ गए है।

 

बीते रोज 391 नमूने लिए गए। इनमें से इंदिरा गांधी मेडकिल अस्‍पताल शिमला में 54,सीआरआइ कसौली में 97 और टांडा में 240 नमूने जांच के लिए भेजे गए है।कोरोना विषाणु को लेकर अभी तक 1990 नमूनों की जांच की जा चुकी है।इनमें से 1582 नेगेटिव पाए गए है।अभी  तक सबसे ज्‍यादा संक्रमित मरीज उना में पाए गए है। यहां 15 संक्रमित  मरीज पाए जा चुके है।सोलन  में 9,चंबा में छह और कांगड़ा में पांच मरीज संक्रमित हो चुके है।एक सिरमौर से है। अब दो नए मामले हमीरपुर से आ गए है।अब तक 12 मरीज ठीक भी हो चुके है और एक की मौत हो चुकी है जबकि चार इलाज के लिए राज्‍य के बाहर जा  चुके है।

अब तक 6739लोगों को निगरानी में रखा जा चुका है जिसमें से 4800 ने निर्धारित 28 दिनों की अवधि पूर्ण कर ली है।