शिमला। जिला हमीरपुर के नादौन से चौथी बार जीत कर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक व पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष  सुखविंदर सिंह प्रदेश के अगले मुख्‍यमंत्री होंगे जबकि नेता प्रतिपक्ष रहे मुकेश अग्निहोत्री को उप मुख्‍यमंत्री का ओहदा दिया गया हैं। कांग्रेस में दो दिन तक चले घमासान के बाद आखिर ले कांग्रेस आलाकमान ने सुखविंदर सिंह सुक्‍खू के नाम पर मोहर लगा दी।

पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्‍ला ने विधानसभा परिसर में विधायक दल की बैठक के बाद कहा कि सुक्‍खू को विधयक दल का नेता चुन लिया गया है और नेता  प्रतिपक्ष मुकेश अअग्निहोत्री को उप मुख्‍यमंत्री बनाया जाएगा। ये दोनों कल सुबह 11 बजे राजभवन में पद व गोपनीयता की शपथ लेंगे।

मुकेश अग्निहोत्री पांचवीं बार जिला ऊना के हरोली विधानसभा हलके से विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे है व वह 2003 से लगातर जीतते आ रहे हैं।

 

विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सुक्‍खू ने कांग्रेस की सर्वेसर्वा सोनिया गांधी, राहुल गांधी व प्रियंका गांधी व प्रदेश की जनता का आभार व्‍यक्‍त किया व कहा कि जनता से किए वादों को पूरा करना अब उनकी जिम्‍मेदारी बन गई हैं। उन्‍होंने कांग्रेस की सरकार अब प्रदेश के विकस के लिए काम करेगी।

 

उधर राजधानी में आज हालीलाज कांग्रेस के समर्थक आलाकमान के सुक्‍खू को मुख्‍यमंत्री बनाने के फैसले के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और उन्‍होंने सिसिल होटल के बाहर धरना  भी दिया। सुक्‍खू के समर्थकों ने भी उनके समर्थन में नारेबाजी की।

 

बीती रात को पार्टी कार्यालय में कांग्रेस के पर्यवेक्षक व छतीसगढ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्‍ला समेत आला नेताओं ने विधायक दल की बैठक ली थी जिसमें सभी विधायकों ने एक पंक्ति का प्रस्‍ताव पारित कर कांग्रेस आलाकमान को मुख्‍यमंत्री का चयन करने के लिए अधिकृत कर दिया था। आज दोपहर को भी सिसिल होटल में बघेल,राजीव शुक्‍ला व अन्‍य नेताओं की बैठकें चलती रही व शाम को विधानसभा में विधायक दल की बैठक बुलाई जिसमें सुक्‍खू को विधायक दल का नेता चुन लिया गया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम व पूर्व मंत्री विदया स्‍टोक्‍स के करीबी व पूर्व मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के विरोधी रहे सुक्‍खू का अधिकांश विधायकों ने समर्थन किया। सुक्‍खू ने तीन निर्दलीयों की ओर से कांग्रेस को समर्थन देने का भी दावा किया हैं।

58 साल के सुखविंदर सिंह सुक्‍खू कानून के स्‍नातक है और 1983 से एनएसयूआई के मार्फत कांग्रेस से जुडे ।एनएसयूआई के प्रदेश अध्‍यक्ष के अलावा वह दो बार प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्‍यक्ष रहे और दो ही बार प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष रहे।

वह 2003 में पहली बार विधानसभा पहुंचे उसके बाद वह 2012 और 2017 में विधानसभा के लिए चुने गए। इस बार वह भाजपा के विजय अग्निहोत्री को हराकर विधानसभा पहुंचे और मुख्‍यमंत्री बन गए ।

सुखविंदर सिंह के पिता रसील सिंह ठाकुर हिमाचल पथ परिवहन निगम में चालक हुआ करते थे व 2003 में जब सुखविंदर सिंह सुक्‍खू पहली बार विधायक बने थे तब उनके पिता का निधन हो गया था। वह शिमला नगर निगम के पार्षद भी रहे।