शिमला। जयराम सरकार की विजीलेंस पुलिस आज रिश्‍वत ले रहे हमीरपुर के नादौन थाने के एसएचओ नीरज राणा को रंगे हाथों पकड़ने में नाकाम रही और राणा पुलिस को अपनी ओर देखते हुए अपनी गाड़ी में मौके से रफुचक्‍कर हो गया। प्रदेश का संभवत: यह पहला मामला है जब सतर्कता विभाग की टीम रिश्‍वत ले चुके किसी शख्‍स को जाल डालने के बाद पकड़ न पाई हो।
इस दिलचस्‍प मामले ने पूरे प्रदेश में विजीलेंस की फजीहत कर दी है।

विजीलेंस विभाग ने एक शिकायत मिलने के बाद राणा के खिलाफ भ्रष्‍टाचर निरोधक अधिनियम की धारा 7 के तहत राण के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायत की सत्‍यता परखने के बाद विजीलेंस ने राणा को पकड़ने के जाल बिछाया । राणा रिश्‍वत लेने अपनी निजी कार एच पी 80- 66 18 में शिकायतकर्ता से रिश्‍वत लेने आया। उसने शिकायत कर्ता से विजीलेंस की टीम के सामने -सामने 25 हजार रुपए की रिश्‍वत ली। जैसे ही विजीलेंस की टीम उसे दबोचने के लिए उसकी ओर बढ़ी राणा ने अपनी कार टीम के सदस्‍यों के ऊपर चढ़ाने की कोशिश की और मौके पर से फरार हो गया।

विजीलेंस के प्रवक्‍ता ने कहा कि राणा ने विजीलेंस की टीम को कुचलने की कोशिश की ।विजीलेंस के प्रवकता का यह दावा कितना सच है यह बाद में पता चलेगा लेकिन इस तरह शिकार के हाथ से निकल जाने पर विजीलेंस ख्‍खुद सवालों के घेरे में हैं। प्रवकता ने कहा कि विजीलेंस की ठटीम ने उसे दबोचने के लिए उसका पीछा भी किय लेकिन वह नहीं मिला। बाद में उसकी कार नजदीकी सड़क में खड़ी पाई गई लेकिन राणा का कहीं कोई अता पता नहीं था। अब राणा की तलाश में विजीलेंस और राणा जिस थाने में एसएचओ था उसकी पुलिस लगी हुई है।