शिमला। मार्च-अप्रैल में होने वाले राज्‍यसभा चुनाव में  Lotus Two करने के लिए प्रदेश में अंदरखाते सुगबुगाहट चली हुई है। केंद्र की मोदी सरकार ने इडी और सीबीआइ को प्रदेश के नेताओं के पीछे छोड़ ही रखा है जबकि दूसरी ओर मंत्रिमंडल में  मंत्रियों और विधायकों की नाराजगी भी फूटने को तैयार है। उधर, कहा जा रहा है कि भाजपा आलाकमान की एक शिक्षक चेहरे को राज्‍यसभा भेजने की हसरत है।अगर हरियाणा से कुछ नहीं हुआ तो हिमाचल में संभावनांए टटोली जा रही हैं।

भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की तमाम गतिविधियों पर भाजपा आलाकमान की ओर से लगातार नजर रखी जा रही है। नेता बनाम नेता तो संपर्क चल ही रहा है।खुफिया एंजेंसियों के जरिए भी लगातार जानकारियां जुटाई जा रही है। जानकारी के मुताबिक मंडी में एक कांग्रेस नेता का पोता अरसे से भाजपा व आरएसएस के कार्यक्रमों में शिरक्‍त करता नजर आ रहा है।

इसके अलावा जिनके पीछे इडी और सीबीआइ लगी हुई है वो भी गर्दन बचाने के लिए किस ओर कब मुंह कर दें कुछ पता नहीं है। कहा जा रहा है कि कांगड़ा से एक  नेता का केंद्रीय एजेंसियां पीछा करने में लगी हुई है।सुक्‍खू के अपने खेमे के विधायक भी ज्‍यादा खुश नहीं है। चूंकि सरकार का दो साल का कार्याकाल बचा है और इनकी ओहदों की चाह पूरी नहीं हो रही है। जबकि अफसरों की टोलियां अलग से नाराज़ हैं।चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी अतिरिक्‍त कार्याभार के सहारे चल रहे है।

याद रहे मुख्‍यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्‍खू पिछली बार बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस आलाकमान की ओर से पैराशूट से उतारे कानून की दुनिया की नामचीन शख्सियत अभिषेक मनु सिंघवीं को हिमाचल से राज्‍यसभा भेजने में नाकाम हो गए थे।ये तो गनीमत है कि गांधी परिवार से नजदीकियां होने की वजह से सुक्‍खू अपनी मुख्‍यमंत्री  कुर्सी बचा पाए थे। कोई और मुख्‍यमंत्री होता तो अब तक उससे कुर्सी छीन ली गई होती।

तब भाजपा Lotus One को डंके की चोट पर कामयाब कर गई थी और कांग्रेस से भाजपा में गए हर्ष महाजन बड़े ड्रामें के बीच दिन दहाड़े राज्‍यसभा के लिए चुन गए थे। कांग्रेस के विधायकों ने ही मुख्‍यमंत्री सुक्‍खू की नाक के नीचे क्रास वोट कर हर्ष महाजन को जिता दिया था और सुक्‍खू कुछ नहीं कर पाए थे।

 

क्रॉस वोट करने वाले इन कांग्रेस विधायकों ने तब कहा था कि हिमाचल में इतने सारे नेता ऐसे में जब कांग्रेस आलाकमान ने बाहर से किसी गैर को उन पर थोप दिया तो विरोध में उनने भाजपा के प्रत्‍याशी को वोट्‍ दे दिया।

इन विधायकों का भाजपा आलाकमान ने तब पूरा साथ दिया और महंगे होटलों में मजे भी कराए थे। केंद्रीय एजेंसियों से सुरक्षा दी वो अलग। ये दीगर है कि वो सब कुछ जनता के पैसे के दम पर किया। बेशक मुख्‍यमंत्री सुक्‍खू ने इन विधायकों पर पंद्रह -पंद्रह करोड़ में बिकने के इल्‍जाम लगाए थे। लेकिन जांच में अभी तक एक पैसे की रिकवरी नहीं हो पाई है। ऐसे में विधायकों को पता है कि अगर पलटी मार भी दी तो ज्‍यादा कुछ होने वाला नहीं हैं। केंद्र से रौब दाब यहां से ज्‍यादा मिलेगा वो अलग।

अटकलें लगाई जा रही है हिमाचल से इस बार भी दिल्‍ली से ही किसी को  राज्‍यसभा भेजने की मंशा है। हालांकि पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा से लेकर कौल सिंह ठाकुर और प्रतिभा सिंह से लेकर आशा कुमारी और रामलाल ठाकुर जैसे कांग्रेसी नेता  पहले ही राज्‍यसभा जाने का सपना पाले हुए है। उधर,सुक्‍खू खेमे में उनके राजनीतिक सलाहकार सुनील बिटटू भी राज्‍यसभा जाने की चाहत रखते है।सुक्‍खू आलाकमान से किसे राज्‍यसभा भेजने को राजी कर पाएंगे बहुत कुछ इसी पर निर्भर है।हिमाचल कांग्रेस के एक खेमे में  कहा जा रहा है कि प्रतिभा सिंह को आलाकमान ने राज्‍यसभा भेजने का भरोसा  दिया है। लेकिन सुक्‍खू जानते है कि अगर ऐसा हुआ तो आगे की राजनीति उनके लिए  चुनौती पूर्ण हो जाएंगी।

उधर,सुक्‍खू सरकार को सतता में आए हुए तीन साल हो गए है और सरकार से मंत्री से लेकर विधायक समेत हर कोई नाराज है।ऐसे में भाजपा ताक में है कि कब विद्रोह की हलकी सी चिंगारी सुलगे और वो हवा देकर इसे दावानल बना दें। राज्‍यपाल शिव प्रताप शुक्‍ल आए दिनों गृह मंत्री अमित शाह से मिलते रहे हैं। उनके बीच क्‍या-क्‍या पक रहा है ये किसी को पता नहीं है।

लेकिन तमाम तरह की अटकलें राजनीतिक गलियारों में हैं। बीते दिनों भाजपा  के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नडडा हिमाचल के दौरे पर आए थे तो वो अचानक उप मुख्‍यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिलने चले गए । उनके साथ भाजपा के कई विधायक भी साथ हो लिए। तब तरह-तरह के क्‍यास लगाए जाने लगे थे लेकिन मुकेश अग्निहोत्री ने खुद ही साफ कर दिया कि नडडा उन्‍हें बेटी आस्‍था की शादी की बधाई देने आए थे।लेकिन भाजपा नेताओं का कहना है कि नडडा किसी के यहां बिना एजेंडे के कम ही जाते है। उनकी हॉलीलाज से करीबियां बिना एजेंडे के नहीं रही हैं।

मुकेश अग्निहोत्री की सुक्‍खू  ने क्‍या हालात कर रखी है ये सभी जानते है।उनको ऊना में ही घेरने का इंतजाम किया हुआ है। आए दिनों सोशल मीडिया में वीडियो तैरते रहते हैं। सुक्‍खू के खेमे के सतपाल रायजादा भी बीच-बीच में कई कुछ कहते रहे हैं।

 

उधर, पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के पुत्र अनुराग ठाकुर से की तो मुख्‍यमंत्री समेत कई भाजपा नेताओं व विधायकों से गाढ़ी यारी है। वो तोड़-फोड़ करने में जयराम व उनकी जुंडली से कहीं ज्‍यादा माहिर है।उनके पास भी इन दिनों ज्‍यादा काम नहीं है और भाजपा के कार्यकारी राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष नबीन किशोर से उनकी नजदीकियां भी है। ऐसे में अंदर ही अंदर कई कुछ खलबला जरूर रहा है।

याद रहे भाजपा से राज्‍यसभा सांसद इंदु गोस्‍वामी का कार्याकाल जून -जुलाई में समाप्‍त हो रहा है। इस बीच राज्‍यसभा की इस सीट के खाली होने पर मार्च-अप्रैल में चुनाव होने है। ऐसे में अभी से क्‍यास लगने शुरू हो गए हैं कि भाजपा कहीं मिशन Lotus Two इस बार अंजाम न दे दें। हालांकि इस बार ये हरकत करना भाजपा के लिए आसान नहीं  होगा लेकिन भाजपा दुस्‍साहस करने में बाकी पार्टियों से बहुत आगे निकल चुकी है। सुक्‍खू कितने चौकस होते हैं इस पर नज़र रहेंगीी।