शिमला। दीपावली की रात को राजधानी के डाउनडेल इलाके से पांच साल के एक बच्‍चे को तेंदुए के उठाए जाने के बाद आज तीसरे दिन इस बच्‍चे के शरीर के अलग-अलग अवशेष राजधानी के रामनगर और फागली के अलग -अलग भागों से खोजदल को मिल गए हैं। एसपी शिमला मोनिका भटुंगुरू ने कहा कि प्रथम दृष्‍टया तो यह मामले तेंदुए के हमले का ही लगता है लेकिन असल तस्‍वीर पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद साफ होगी। उन्‍होंने कहा कि बच्‍चे के शरीर के अवशेष खोज दल को मिले है व इन्‍हें पुलिस ने कब्‍जे में लेकर पोस्‍टेमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक धड़ से ऊपर का हिस्‍सा क्षत विक्षत स्थिति में फागली व रामनगर के बीच नाले के ऊपर जंगल में मिला है जबकि कुछ भाग रामनगर नाले के दूसरी ओर खलीनी की ओर जंगल में मिले हैं। इन अवशेषों को एकत्रित कर आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

याद रहे कि दीपावली के रात को साढ़े दस बजे के करीब राजधाानी के डाउनडेल इलाके में द्धारकानाथ के घर के बाहर आंगन में खेल रहे बच्‍चों में से उनके पांच साल के बेटे योगराज को तेंदुआ उठा ले गया था। इस बीच बाकी बच्‍चे जोर से चीखने चिल्‍लाने लगे। इन बच्‍चों ने अपने अभिभावकों को बताया कि एक जानवर आया और उनके साथी को उठा कर जंगल की ओर भाग । इसके बाद बाम तमाम लोग बच्‍चे को तलाश करने में जुट गए
इस बीच पुलिस की टीम भी मौके के लिए रवाना हो गई व खून के धब्‍बे व बच्‍चे की ओर से पहनी पैंट कुछ गज की दूरी पर घर के नीचे जंगल में मिल गई। लेकिन दूसरे दिन पांच तारीख को पुलिस , वन विभााग के अलावा स्‍थानीय लोगों की ओर से दिन भर तलाश
करने के बाद बच्‍चे का कोई सुराग नहीं मिला और अंदेश जताए जाने लगा कि कहीं किसी तांत्रिक ने ही तो बच्‍चे की बलि नहीं दे दी है। लेकिन आज दोपहर बाद बच्‍चे के शरीर के अलग -अलग जगहों से अवशेष मिल गए। एसपी मोनिका ने कहा कि पृथम दृष्‍टया यह तेंदुए के हमले का मामला ला लग रहा है। बलि के मामले को नकारते हुए उन्‍होंने कहा कि ऐसी संभावना कम है लेकिन पोस्‍टमार्टम की रिर्पोर्ट में स्थिति साफ हो जाएगी। अब इस बच्‍चे की पोस्‍टमार्टम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
याद रहे इससे पहले कनलोग इलाके से प्रवासी मजदूर की एक बच्‍ची को इसी तरह तेंदुआ उठा के ले गया व उसके शरीर के अवशेष भी इसी तरह कनलोग के पास जंगल में झाडि़यों के बीच पत्‍थर पर मिले थे। लेकिन तब से लेकर अब तक इस तेंदुए को न तो वन विभाग की ओर से पकड़ा ही गया और न ही इस मारा गया है।
उधर कांग्रेस पार्टी और वामपंथी पार्टी माकपा ने इस आदमखोर तेंदुएं को शीघ्र पकडनें की मांग की है।