शिमला। बीते रोज मांगल व बाघल विकास परिषद की ओर से मांगल में लगे अल्‍ट्राटेक कंपनी के व दाड़ला व बरमाणा के सीमेंट कारखाने में मालभाडे़ की दरों में बढोतरी की मांग के बाद आज दाड़ला सीमेंट कारखानों के ट्रक आपरेटरों के बड़े नेता राम कृष्‍ण शर्मा ने मालभाडे़ की बढ़ोतरी की मांग को लेकर जंग को लेकर आगाह कर दिया हैं।

दी बाघल लैंड लूजर परिवहन सहकारी सभा दाड़ला घाट के पूर्व प्रधान रामकृष्ण शर्मा ने सुक्‍खू सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सुक्‍खू सरकार ने अदाणी सीमेंट की ओर से सीमेंट कारखाने बंद करने के बाद हुई हड़ताल के दौरान आपरेटरों  को भरोसा दिलाया था कि वह अदाणी से डीजल की दरों में हुई बढ़ोतरी की एवज में  मालभाड़े में 13 पैसे की बढ़ोतरी करवा देंगे लेकिन आज करीब छह महीने बीत जाने के बाद भी सरकार अदाणी सीमेंट  से यह बढो़तरी आपरेटरों को नहीं अदा करवा पाई हैं। शर्मा ने सुक्‍खू से आग्रह किया  है कि यह डीजल कि कीमतों में हुई बढ़ोतरी  की एवज में यह तेरह पैसे की बढ़ोतरी को तुरंत मालभाड़े में जोड़ा जाए। उन्‍होंने कहा कि ऑपरेटर्स के किराए में की गई कटौती से आम ऑपरेटर भारी निराशा का सामना कर रहा है व मायूस है।

उन्‍होंने बड़ा मसला उठाते हुए कहा कि पूर्व की जयराम सरकार ने आचार संहिता लगने से पहले सिविल सप्‍लाई के लिए की जाने वाली सीमेंट की ढुलाई के मालभाड़े में दस रुपए 38 पैसे प्रति किलोमीटर प्रति टन के हिसाब से बढ़ोतरी को हरी झंडी दी थी लेकिन आचार संहिता लग जाने के वजह से इस बढ़ोतरी को मंत्रिमंडल से मंजूरी नहीं मिल पाई। यह बढ़ोतरी भी आज तक नहीं हो पाई हैं।

ट्रक आपरेटरों के नेता शर्मा  सुक्‍खू सरकार से मांग की है कि सिविल सप्लाई कि ढुलाई में कार्यरत दाड़लाघाट के ट्रकों के किराए में तुरंत बढ़ोतरी की जाए । उन्‍होंने खुलासा किया  कि सिविल सप्लाई के किराए  लगभग 10 वर्षों से नहीं बढ़ाए गए हैं । इससे  आपरेटरों को सिविल सप्लाई की  माल ढुलाई में भारी परेशानी आ रही है क्योंकि ट्रक ऑपरेटर को भारी हानि का सामना करना पड़ रहा है।

शर्मा ने कहा कि ट्रक ऑपरेटर्स को भारी घाटे का सामना करना पड़ रहा है यदि कराया बढ़ोतरी नहीं की गई तो ऑपरेटर का गुस्सा कभी भी फूट सकता है ।

उन्‍होंने कहा कि  ऑपरेटरों में  मन में यह बात घर कर गई है कि हिमाचल प्रदेश में पहली सरकार आई है जिसमें ट्रांसपोर्टर्स के किराए में कमी की गई है जबकि पहले किसी भी सरकार के समय ट्रांसपोर्ट के किराए में कोई कटौती नहीं होती थी अलबत्ता समय-समय पर बढ़ोतरी की जाती थी।

याद रहे बीते रोज बाघल व मांगल विकास परिषद के कानूनी सलाहकार नंद लाल चौहान ने भी अल्‍ट्राटेक और अदाणी के सीमेंट कारखानों में सीमेंट की ढुलाई में लगे ट्रक आपरेटरों के मालभाड़े में बढ़ोतरी करने की मांग उठाई थी। अब दाड़ला से भी आज उठ गई हैं। समझा जा रहा है कि आने वाले दिनों में बरमाणा से भी इसी तरह की आवाज उठने की संभावना हैं।  शर्मा व चौहान का दावा है कि कम मालभाड़े की वजह से ट्रक आपरेटरों में अंदर ही अंदर गुस्‍सा फूट रहा है व यह लावा बन कर भी  बाहर आ सकता हैं।