शिमला। आज देश में राज्‍यसभा की सीटों के लिए मतदान का दिन हैं। हिमाचल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के मुखिया जगत प्रकाश नडडा ने प्रदेश की सुक्‍खू सरकार को तड़पाने के लिए ‘खेला’ रचने की मंशा को लेकर प्रदेश की पूरा भाजपा को काम पर लगा रखा हैं।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से लेकर भाजपा के अध्‍यक्ष राजीव बिंदल और तमाम बाकी नेता इस खेले में शमिल हैं। लेकिन शाह –नडडा की बीजेपी ये खेला कर पाएगी इसका खुलासा आज हो ही जाएगा।लेकिन इससे पहले सुक्‍खू कांग्रेस ने एक खेला तो भाजपा के साथ कर ही दिया हैं।

 

सुक्‍खू के मायाजाल में फंसे जयराम-बिंदल

उधर बीते रोज कांग्रेस पार्टी की ओर से संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने जो खुलासा किया है उससे तमाम  भाजपाइयों की नींद उड़ गई हैं। यही नहीं अगर ये खुलासा सही है तो  जयराम,बिंदल व बाकी नेताओं को शर्मिंदा भी होना पड़ सकता हैं।  अगर हर्षवर्धन चौहान का खुलासा सही है साफ है कि शाह-नडडा की बीजेपी सुक्‍खू के मायाजाल में फंस गई और पिछली रात से बुरी तरह से छटपटा रही हैं।

व्‍हीप का स्‍वांग रच फैलाया भ्रम

कांग्रेस पार्टी की ओर से 22 फरवरी को कांग्रेस विधायकों को व्‍हीप जारी किया गया था कि वो राज्‍यसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रत्‍याशी देश के नामी व्‍कील अभिषेक मनु सिंघवी को ही वोट देंगे। सुक्‍खू ने विधानसभ परिसर में इस बावत बैठक भी ली और बैठक में जो कहा कि उसे लीक भी कर दिया गया । पहले लग रहा था कि कांग्रेस ये डर से कर रही है  ताकि क्रॉस  वोटिंग रोकी जा सके।लेकिन बीते रोज जब भाजपा ने कांग्रेस के व्‍हीप को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटा दिया तो उसके बाद संसदीय कार्यमंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने  मीडिया के सामने खुलासा कर डाला कि कांग्रेस पार्टी ने कोई व्‍हीप जारी नहीं किया था।

पहले उन्‍होंने सोचा था कि ऐसा करना है व कुछ कांग्रेस विधायकों के दस्‍तख्‍त भी कराए थे। लेकिन बाद में पता चला कि राज्‍यसभा चुनावों के लिए व्‍हीप की जरूरत नहीं है तो उस कागज को फेंक दिया था।

उन्‍होंने कहा कि भापाइयो को ये कागज कहां से मिला। उधर चुनाव  आयोग को भेजी शिकायत में जिस व्‍हीप की प्रति को भाजपा ने अपनी शिकायत के साथ संलग्‍न किया है उसमें कुछ  चार –पांच विधायकों के ही दस्‍तख्‍त हैं।

 

अगर चौहान सही कह रहे है तो इस व्‍हीप के कानूनी तौर पर कोई मायने नहीं हैं। यह नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष राजीव बिंदल ही नहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए शर्मिंदा करने वाला  हैं।

कायदे से पहले इन नेताओं को व्‍हीप के बारे में सही  व आधिकारिक जानकारी जुटानी चाहिए थी  उसके बाद ही आगे बढ़ना चाहिए थे।