शिमला। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बेशक आज संसद में कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी व वामपंथियों पर हमला बोला हो लेकिन धर्मशाला में जहां पर वो भारत पाक के बीच क्रिकेट मैच कराने की जददोजहद कर रहे है,पूरी तरह से घिरते नजर आ रहे है।भाजपा के वरिष्‍ठ नेता व अनुराग ठाकुर के पिता पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के भाजपा में राजनीतिक शत्रु शांता कुमार ने जहां धर्मशाला में प्रस्‍तावित क्रिकेट मैच कराने का विरोध कर दिया है वहीं आज  कांग्रेस नेता मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने अनुराग की मुश्किलें बढ़ा दी है।मनकोटिया ने एलान किया है वो शहीदों की लाशों पर क्रिकेट मैच नहीं होने देंगे। इसके लिए वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,बीसीसीआई के अध्‍यक्ष मनोहर शशांक से लेकर  आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी चिटठी लिखेंगे।

इससे पहले जेएनयू विवाद पर संसद में चली चर्चा के दौरान अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्‍होंने संसद मेंक्‍या बोला वो हिमाचल में मीडिया को भी जारी किया

यहां पढ़े उन्‍होंने संसद में क्‍या कहा-:

हमीरपुर से सांसद, भाजयुमो अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने आज संसद में कहा कि राहुल गांधी जेएनयू में उन लोगों को समर्थन देने गए थे, जिन्होंने भारत के टुकड़े होने के नारे दिए थे। उन्होंने राहुल गांधी से यह भी पूछा कि वे किस टुकड़े पर राज करना चाहेंगे?

अनुराग ठाकुर ने कहा कि एक तरफ कैप्‍टन पवन कुमार,”किसी को चाहिए रिजर्वेशन, तो किसी को चाहिए आज़ादी, हमे कुछ नहीं चाहिए भाई, बस अपनी रजाई” यह लिखकर शहीद हो जाते है तो दूसरी तरफ लांस नायक हनुमनथप्पा बर्फ की रजाई में पाये गए। राहुल गांधी को तय करना है कि वे शहीदों के साथ है कि, देश विरोधी नारे लगानेवालों के साथ? अनुराग ठाकुर ने कि जहाँ भाजपा का नारा, नेशन फर्स्ट, पार्टी सेकंड एंड सेल्फ लास्ट है, वहीँ कांग्रेस का नाराय फेमिली फर्स्ट, पार्टी सेकंड एंड कंट्री लास्ट है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि, अभिव्यक्ति आज़ादी की बात तो की जाती है लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी को देश विरोधी नारे लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कांग्रेस को तय करना होगा कि, वो देश के सैनिकों के साथ खड़ी है, या देश तोड़ने के नारे देने वालों के साथ?

अनुराग ठाकुर ने कहा कि, भारत और भारत सरकार में फर्क है। आप चाहे भारत सरकार को कितना भी कोस लों, लेकिन भारत को मत कोसो और देश का अपमान मत करों। अनुराग ठाकुर ने कहा कि 2010 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने सदन को जानकारी दी थी कि डीएसयू, सीपीआई (माओवादी) का एक फ्रंट है, तो ऐसे में या तो सरकार गलत थी या राहुल गांधी देशद्रोहियों को मिलने गए थे।

उधर, जब अनुराग ठाकुर संसद में ये भाषण दे रहे तो मनकोटिया उनसे इसी तरह के सवाल पूछ रहे थे कि वो पठानकोट के शहीदों के साथ है या पाकिसतान के साथ।उन्‍होंने कहा कि  पाकिस्‍तान की टीम को धर्मशाला की धरती पर क्रिकेट खिलवाना  पठानकोट के शहीदों का अपमान होगा। शांता कुमार केअलावा आम आदमी पार्टी,हिमाचल लो‍कहित पार्टी  और धूमल परिवार प्रापर्टी की जांच कराने की अर्जी देने वाले वकील विनय र्श्‍मा तक इस मैच का विरोध कर चुके है व अब सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है।बहरहाल शहीदों की लाशों पर  राजनीति जारी है।