कांगड़ा/शिमला।मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केंदीय विवि पर भाजपा की ओर से उनकी लिखी चिटठी पर बड़ा खुलासा कर एक बार फिर सनसनी फैला दी है। उन्‍होंने  कांगड़ा नूरपूर में संवददाताओं  के सामने खुलासा किया कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय के मुद्दे पर पर्यावरण मंत्रालय और केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री के कार्यालय को पत्र लिखे जाने के राज्य के एक वरिष्ठ भाजपा नेता के दावे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया को वितरित पत्र जाली है। यह पत्र उनके लैटरहैड पर नहीं था और उन्होंने कभी ऐसे पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए, और न ही पत्र में उनके कार्यालय का लाॅगो है। उन्होंने प्रश्न किया कि कोई भी मुख्यमंत्री किसी केन्द्रीय मंत्री को ऐसा पत्र कैसे लिख सकता है जिसमें न ही उसका लाॅगो हो और न ही पत्र उनके लैटरहैड पर लिखा गया हो।

मुख्‍यमंत्री के इस दावे से कई सवाल खड़े हो गए है। इससे पहले वीरभद्रसिंहजब केंद्रीय मंत्री  थे तो उन्‍होंने ये एक बार ये कहकर  सनसनी फैला दी थी कि चंडीगढ़ में उनकी बग्गिंग की गई। अगर मुख्‍यमंत्री की चिटठी फर्जी है तो ये बेहद  संगीन मसला हैजिसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि ऐसी और कितनी चिटिठयां किस किस को लिखी गई है।फर्जी चिटिठयां लिखने वाले क्‍या मुख्‍यमंत्री के अपने है या फिर कोई साजिश है।

मुख्‍यमंत्री ने इसके अलावा  अपनी ही पार्टी की राज्‍यसभा सांसद विप्‍लव ठाकुर के साथ-साथ कांग्रेस अध्‍यक्ष सुखविंदर सुक्‍खू पर निशाना साधा  व उनके उस बयान सुक्‍खू ने कहा था कि  विप्लव ठाकुर ने किसी प्रकार की अनुशासनहीनता नहीं की है, उन्हें बोलने का अधिकार है और उनके ये शब्द केन्द्रीय विश्वविद्यालय को लेकर कहे गए हैं, के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि  विपलव ठाकुर द्वारा अनुशासनहीनता की गई है।

मुख्यमंत्री ने स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि उन्होंने यह कहा था कि  विप्लव ठाकुर अवसरवादी हैं और देहरा से अपनी बेटी की टिकट की दावेदारी मजबूत करने के प्रयास कर रही हैं।

यही  नहीं उन्‍होंने ये दावा भी किया कि कांगड़ा जिले के जिला परिषद चुनाव में क्राॅस-वोटिंग करने वाली काली भेड़ों की पहचान कर ली गई है तथा इनके नाम उपयुक्त समय में सामने लाए जाएंगे।  पार्टी में असहिष्णुता एवं पीठ के पीछे वार किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उनहोंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश के किन्नौर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों को छोड़ जिला परिषद के अधिकांश उच्च पदों पर जीत हासिल की है।