शिमला। भाजपा से टूट कर गए नेताओं की ओर से गठित की गई हिमाचल लोकहित पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में कांगड़ा से पार्टी के उपाध्‍यक्ष दूलोराम,मंडी से पार्टी अध्‍यक्ष व हिलोपा के एकमात्र विधायक महेश्‍वर सिंह व हमीरपुर से भाजपा के पूर्व विधायक बाबू राम मंडयाल मैदान में उतारेगी।इन तीनों नेताओं को पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के शासनकाल में पार्टी में हाशिए पर पहुंचना पड़ा था।

 

हिलोपा की मंगलवार को हुई कोर ग्रुप की बैठक में ये करीब–करीब तय हो गया है। शिमला लोकसभा हलके से अभी किसी का नाम तय नहीं हो पाया है।पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगर कोई बड़ी वजह सामने नहीं आई तो इन तीन नेताओं के नाम पर बदलाव होने की संभावना कम ही है।

 

दूलोराम भाजपा के वरिष्‍ठ नेता शांता कुमार के करीबी रहे है । पार्टी पर जब से धूमल खेमा हावी हुआ तब से दूलो राम हाशिए पर चले गए थे । माना जा रहा है कि शांता कुमार अगर खुद भाजपा प्रत्‍याशी नहीं हुए तो आगामी लोकसभा चुनाव में अप्रत्‍यक्ष तौर पर उनका साथ दूलो राम को मिल सकता है।

 

इसी तरह का मामला हमीरपुर से बाबूराम मंडयाल का भी रहा है। बाबूराम मंडयाल 1967 में विधायक बने । वो तब से राजनीति में है।वो भाजपा से भी विधायक रह चुके है। धूमल के राज में वो भी पार्टी  में हाशिए पर चले गए व उन्‍होंने हिलोपा का दामन थाम लिया। हिलोपा के प्रमुख महेश्‍वर सिंह भी धूमल से खार खाए हुए।ऐसे में कोरग्रुप की बैठक में तीन प्रत्‍याशियों को लेकर लिया गया फैसला सोची समझी रणनीति का हिस्‍सा माना जा रहा है ताकि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्‍याशियों को कांग्रेस के साथ मिलकर भाजपा प्रत्‍याशियों के साथ –साथ भाजपा  के प्रधानमंत्री पद के प्रत्‍याशी मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के सपने को नेस्‍तनाबूद किया जा सके।

उधर, भाजपा के कुछ नेताओं की ओर ये भी कहा जा रहा है कि हिलोपा के नेताओं को पार्टी में शामिल करने के लिए बातचीत चल रही है। हालांकि कोरग्रुप की बैठक में भाजपा में शामिल होने के बारे में भाजपा नेताओं की ओर से किए जा रहे प्रचार  को पूरी तरह से खारिज कर दिया व पार्टी के प्रदेश कार्यालय प्रभारी टिक्‍कू ठाकुर ने आधिकारिक तौर पर मीडिया  से कहा कि पार्टी अध्यक्ष महेश्वर सिंह बार-बार कह चुके हैं कि प्रदेश में हिमाचल लोकहित पार्टी को बहेतर राजनैतिक विकल्प के रूप में बढ़ाया जा रहा हैं।ऐसे में भाजपा से विलय का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इन तीनों नेताओं के आगामी लोकसभा चुनावों में खड़े होने से भाजपा का नुकसान ज्‍यादा होगा। ऐसे में भाजपा कोई डील कर ले तो  उसमें हैरानी नहीं होनी चाहिए। मंडी लोकसभा सीट से  महेश्‍वर सिंह  भाजपा की  ओर से सांसद रह चुके है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अगर भाजपा-हिलोपा

में कोई डील होती है तो मंडी से भाजपा के प्रत्‍याशी महेश्‍वर सिंह ही होंगे। लेकिन हिलोपा आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी डील से साफ इंकार कर रही है।

इस कोर ग्रुप की बैठक पार्टी अध्यक्ष महेश्वर सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पार्टी के उपाध्यक्ष बाबूराम मंडयाल, खुशी राम बालनाटाह, दूलो राम,पार्टी के महामंत्री धर्मचन्द गुलेरिया, पूर्व विधायक नवीन धीमान,पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व पूर्व मंत्री महेंद्र नाथ सोफ्त और प्रदेश कार्यालय प्रभारी टिक्कू ठाकुर ने भाग लिया।