शिमला।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना विषाणु के मददेनजर पूर्ण बंदी व कर्फ्यू को तीन मई तक बढ़ाने का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीस अप्रैल तक प्रदेश में कर्फ्यू को सख्ती से लागू किया जाएगा। उनहोंने कहा कि अगर 20 तारीख तक प्रदेश में एक भी कोरोना विषाणु का मामला नहीं आता है […]
शिमला।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना विषाणु के मददेनजर पूर्ण बंदी व कर्फ्यू को तीन मई तक बढ़ाने का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीस अप्रैल तक प्रदेश में कर्फ्यू को सख्ती से लागू किया जाएगा। उनहोंने कहा कि अगर 20 तारीख तक प्रदेश में एक भी कोरोना विषाणु का मामला नहीं आता है तो प्रदेश के लोगों के जीवन बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से कदम उठाए जाएंगे। समझा जा रहा है कि 20 अप्रैल के बाद सरकार कुछ ढील देने जा रही है।
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उन्होंने कहा कि तीन मई तक सभी स्कूल व अन्य शिक्षण संस्थान और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। सकूलों में कक्षाएं न लगने से छात्रों की पढ़ाई में खलल पढ़ रहा है,ये सरकार के लिए चिंता की बात है। इस दिशा में जो भी संभव होगा सरकार वह करने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि यह संतोष की बात है कि पिछले चार दिनों से प्रदेश में कोरोना संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है।लेकिन इसके बावजूद एहतियात बरतने की जरूरत है।
पूर्ण बंदी व कर्फ्यू को तीन मई तक बढ़ाने को लेकर अतिरक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने दोपहर को अधिसूचना भी जारी कर दी।जिसके तहत तमाम तरह की सभाओं पर पाबंदी तीन मई तक बढ़ा दी है।
मास्क लगाना किया अनिवार्य
धीमान की जारी से अधिसूचना के मुताबिक प्रदेश के सभी लोगों को मास्क व या घर में तैयार किए आवरण को चेहरे पर पहनना अनिवार्य कर दिया है। अधिसूचना में कहा गया है कि जो कोई भी घर से बाहर निकलेगा उसे जरूरी तौर पर मासक पहन कर निकलना होगा।
उन्होंने कहा कि ये आदेश 15 अप्रैल से तीन मई तक लागू रहेंगे । अगर इससे पहले केंद्र सरकार, राज्य सरकार व जिला दंडाधिकारियों की ओर कोई अन्य आदेश है तो वह लागू होगा।
यही नहीं सरकार ने पूर्ण बंदी के दूसरे चरण के दौरान प्रदेश सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को कार्यालय में मौजूदगी सुनिश्चित करने के आदेश दिए है। इसके अलावा सरकार ने अनुबंध व सभी नियमित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन भी कोरोना विषाणु फंड में डालने के लिए सभी डीडीओ को निर्देश दिए है।
कोविड-19 महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए लॉकडाउन के कारण राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि आहरण एवं वितरण अधिकारी प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त संस्थाओं में कार्यरत नियमित और अनुबंध अधिकारियों व कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटेंगे।
इस धनराशि को िहमाचल कोविड-19 सोलीडेरिटी रिस्पांस फंड में जमा किया जाएगा। इस राशि को भारतीय स्टेट बैंक की प्रदेश सचिवालय स्थित शिमला शाखा में खाता संख्या 39241879383 और आईएफएससी कोड 0050204 तथा एचडीएफसी बैंक, छोटा शिमला शाखा, खाता संख्या 50100340267282 और आईएफएससी कोड 004116 में जमा किया जाएगा।
सचिवालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अतिरिक्त मुख्य सचिव आर डी धीमान ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी विभागाध्यक्षों को अपने न्यूनतम स्टाफ के साथ कार्यालय में हाजिर रहना होगा ताकि किसानों व बागवानों को बीज,कीटनाशक व अन्य उपकरणें के लिए भटकना न पड़े।
धीमान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना विषाणु को लेकर स्थिति ज्यादा चिंताजनक नहीं है। अगर स्थिति इसी तरह बनी रही तो 20 अप्रैल को बंदी व कर्फ्यू को लेकर समीक्षा की जाएगी व बहुत सी पाबंदियों पर ढील दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके लोगों को उनके घरों को भेजा जा रहा है। ये लोग अपने घरों में भी निगरानी में रहेंगे। इन्हें तमाम तरह के एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए है।
धीमान ने कहा कि प्रदेश में हाइड्रोक्लोरोक्वीन दवा की कमी नहीं है। प्रदेश में आठ हजार गोलियां मौजूद है। इसके अलावा चार हजार से साढ़े चार हजार तक पीपीई किट भी मौजूद है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अब कोरोना विषाणु के टेस्ट बढ़ाने कर काम कर रही है। तबलीगी जमात के लोगों व उनके संपर्क में आए लोगों को चिन्हित कर लिया गया है व उनके टेस्ट लिए जा रहे है।
