शिमला। प्रदेश की वीरभद्र सिंह सरकार पर सहयोग न देने को लेकर हमलावर तेवर अपनाते हुए वामपंथी मेयर संजय चौहान व  व डिप्‍टी मेयर टिकेंद्र पंवर  ने आज अपने कार्यकाल के चार साल पूरे होने पर एलान किया कि वो बचे एक साल में जनता को और सुविधाण्‍ं देने पर विचार करेंगे।मेयर संजय चौहान नेे कहा कि उन्‍होंने निगम को प्रॉफिट में ला दिया है। निगम में टैंकर धंधा बंद कर निगम के लिए अपने टैंकर खरीद दिए  है। उन्‍होंने कहा कि चार साल में विकास पर 91 करोड़77 लाख  रुपए खर्च किए है और पानी की सप्‍लाई जिसका भाजपा व कांग्रेस निजीकरण करना चाहती थी, उसका निजीकरण नहीं होने दिया।चार साल पूरे होने पर वामपंथी मेयर व डिप्‍टी मेयर राजधानी में संवाददाताओं से बातचीत कर  रहे थे।

उन्‍होंने माना कि वो बहुत सा काम करने  में कामयाब नहीं रहे। प्रदेश की वीरभद्र सिंह सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह सरकार ने आंकड़ों में हेराफेरी कर इस ऐतिहासिक शहर को स्‍मार्ट सिंटी की रेस से बाहर कर दिया।लेकिन उन्‍होंने संघर्ष किया और इस शहर को वापस स्‍मार्ट सिटी की श्रेणी में ला खड़ा कर दिया। उन्‍होंने कहा कि सरकार के रवैये के कारण वो शहर में बैटरी चालित वाहन चलाने में नाकाम रहे।

 

संजय चौहान ने कहा कि निगम सदन में वामपंथियों का बहुमत नहीं हैं, वो  केवल 12 फीसद ही है बावजूद इसके भाजपा व कांग्रेस  के पार्षदों  का सहयोग लेने में कामयाब रहे है। पीलिया के कहर पर दुख जताते हुए चौहान ने कहा कि  उन्‍होंने समय रहते अश्‍वनी खडड से सप्‍लाई लेनी बंद कर दीऔर ज्‍यादा नुकसान होने से बचा दिया। उन्‍होंने मानाकि वो पानी की नियमित आपूर्ति करने में नाकाम रहे है लेकिन पानी उपलब्‍ध कराया और अब पानी की मानिटरिंग के लिए पूरा विंग निगम को मिल रहा है। इसके लिए सदन से सरकार  को प्रस्‍ताव  भेजा गया था। उन्‍होंने कहा कि एडीबी के साथ से बातचीीत चल रही है व शहर के 24 घंटे पानी की सप्‍लाई करेन का बंदोबस्‍त करने की कोशिश में हैं।

शहर के 88 फीसद सड़कोंं की टारिंग कर दी है व  अक्‍तूबर तक सब सड़कों की टारिंग कर  दी जाएगी।शहर में शौचालयों की  बुरी सिथति पर देखते हुए सुलभ सेे काम वापस ले लिया है।

उन्‍होंने कहा कि पहले शहर का 35टन  कूड़ा ही उठता था अब 80टन के  कूड़ा उठ रहा है।रोपवे  का काम शुरु हो गया है इससे कंजेशन तो रुकेगा ही साथ ही सैलानियोंं का आकर्षण भी बढ़गा व निगम को सालाना दस करोड़ के करीब आय होगी।

बाकी बचे में  एक साल में शहर में और  क्‍या-क्‍या किया जासकता है इसे लेकर मेयर व डिप्‍टी मेयर ने जनता के नाम एक चिटठी  लिख कर सुझााव मांगे  हैं।