शिमला। चार साल के युग के अपहरण और हत्‍या के बाद माकपा ने अब और मामलों का खुलासा करते हुए प्रदेश की मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह सरकार पर हमला करते हुए कहा कि  अंडरवर्ल्‍ड  ने प्रदेश में राजनीतिक कमांड संभाल ली है। उन्‍होंनें  जनता  का  आहवान  किया  कि अगर  इस  स्थिति  से  निपटना हें  तो  आंदोलन के लिए  सड़कों पर उतरने  के  लिए  तैयार  रहें बाकि  अब  कोई और  रास्‍ता  नहीं  बचा  हैं। अब  जनता ही   कुछ  कर  सकती है। अन्‍यथा अपराधी हर जगह  हावी  हो जाएंगे।

माकपा के पूर्व राज्‍य सचिव राकेश सिंघा ने राजधानी में आयोजित एक संवाददाता सम्‍मेलन  में कहा  कि बल्‍देयां का मेदराम  नामक एक दलित  अप्रैल महीने से गायब है लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही है। इसी तरह मशोबरा से एक और व्‍यक्ति गायब है। जबकि लोअरबाजार  से ध्रूव  नाम युवक का कोई पता पुलिस नहीं लगा  पाई।सिंघा ने  कहा कि नेरचौक से एक रामसरन नामक व्‍यक्ति की हत्‍या कर दी गई है। उनहोंने कहा कि इन सब मामलों में एक चीज बिलकुल समान  है वो ये है कि जिन पर शक हैं उनके राजनीतिक लोगों से संबंध है।

सिंघा  ने मांग  कर  दी कि युग  समेत उपरोक्‍त सब मामलों में  अगर  जिन  लोगों पर  शक  है  उनके मोबाइल  फोनों की कॉल डिटेल निकाल दी  जाए  तो सब सारे मामले  सुलझ जाएंगे ।  उन्‍होंने युग  व  बाकी सभी मामलों में आरोपियों की  कॉल्‍ डिटले को सार्वजनिक करने की  मांग कर दी है। ताकि लोगों  को  पता  चल सके  कि  कौन  नेता  किस-किस  को  बचा  रहा  है।सिंघा ने  कि  क्राइम के पीछे ड्रग्‍स माफिया और भूमाफिया  है और उन्‍हें राजनीतिक , प्रशासनिक व कहीं कहीं न्‍यायिक संरक्षण भी हासिल है।

सिंघा   ने कहा कि मजदूर प्रदेश की अदालतों में  सड़ते रहते हैं उन  उन्‍हें जमानत नहीं मिलती लेकिन कातिल  खुलेआम  घमते  है। उन्‍हें जमानतें भी मिल जाती है। मजदूरों को जेलें  मिलती  हैं।

सिंघा ने  मुख्‍यमंत्री से आग्रह  किया कि वो माफियाओं व कातिलों को संरक्षण न दें व  उनकी  पार्टी में   जो  संरक्षण दे रहा  है उन्‍हें  भी  ऐसा  करने  से  रोके। उन्‍होंने  कहा  कि युग  के  मामले में  भी  आरोपियों के  फोंस कॉल डिटेल को सार्वजनिक करें।

हिमाचल  किसान  सभा  के  अध्‍यक्ष कुलदीप  तंवर  ने  कहा  कि  बल्‍देयां के  मोहनपुर  गांव  का  मदराम  पिछले 1अप्रैल को  साढ़े पांच  से  गायब है। वो  दलित  परिवार  से  हैं  व  प्रापर्टी  डीलिंग  का  काम  करता  था। तब  से  लेकर  अब  तक उसका कोई  पता  नहीं चला  है।  परिजन एसपी  से लेकर डीसी तक  मिले लेकिन कोई  सुराग  नहीं मिला । उल्‍टे पुलिस परिवार वालों से ही  पूछ  रही है  कि  मिले कि  नहीं। तंवर  ने  कहा कि  अगर  फोन कॉल  की  डिटेल खंगाली जाएं  तो ये मामला भी  सात दिनों के भीतर सुलझ जाएगा।लेकिन  पुलिस  कुछ  नहीं कर  रही  है।

इस  मौके  पर मेदराम के  बेटे महेंद्र ने पुलिस के कारनामों की  पोल  खोल  कर रख  दी। उन्‍होंने कहा  पुलिस ने  फोन  की लोकेशन चैक  की  तो  उसके दो  अप्रैल को  लोकेशन बस  सटैंड  के  पास  थी दूसरे  दिन  की  लोकेशन क्रैगनेनों  के  पास  मिली।लेकिन  तब  से  लेकर अब  तक  किसी को कोई  पता नहीं चला है।उन्‍होंने  कहा कि  पुलिस ने   तब  ढूंढनें  को  कहा  तो  केवल  तीन  पुलिस वाले  आंए व 70-80 गांव वाले थे। पुलिस  वाले  सड़क  से  नीचे  नहीं उतरे। महेंद्र ने  कहा  कि  पुलिस कुछ  नहीं करती।

तंवर  ने  इसी  तरह  नैरचौक  के  रामसरन  की  हत्‍या का  मामला  भी  उठाया उन्‍होंने  कहा कि रामसरन की हत्‍या कर दी। उनकी पत्‍नी कई दिनों से पागलों की तरह घर पर रही।जब उनकी बहन उसके पास गई और अस्‍पताल लाई तो अस्‍पताल ने छुटटी दे दी। इसके बाद  अब वो दहशत की स्थिति आइजीएमसी में है। उनकी बड़ी बहन हरदीप कौर  न कहा कि उनकी छोटी बहन कुलदीप कौर के साथ दुष्‍कर्म भी हुआ हो इससे इंकार नहीं किया जा सकता।उन्‍होंने कहा कि वो बड़ी मुश्‍िकल से बोल रही है।उसने कुछ लोगों के नाम  भी लिए है लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही है।