शिमला।अपना बहुमत होते हुए सोलन नगर निगम में भाजपा अध्‍यक्ष राजीव बिंदल की भाजपा उप महापौर का पद झटक ले गई और प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष और मुख्‍यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्‍खू की नाक के नीचे कांग्रेस के प्रत्‍याशी को हार का मुंह देखना पड़ा । बगावत व घमासान के बीच भाजपा की समर्थक मीरा आनंद उप महापौर का पद झटक ले गई।

मीरा आनंद को दिलचस्‍प तौर पर 12 मत मिले  जबकि कांग्रेस समर्थक संगीता ठाकुर को पांच ही मत मिले। अब सवाल उठाया जा रहा है कि एक मत किसका मिला।  भाजपाई मजे ले रहे है कि सुक्‍खू के मंत्री शांडिल ही गलती से भाजपा की समर्थक मीरा आनंद को वोट डाल गए होंगे।

सोलन से विधायक व सुक्‍खू सरकार में मंत्री धनीराम शांडिल को लेकर कांग्रेस में ही उनके विरोधी अब कई सवाल उठा रहे हैं।बड़ा प्रश्‍न यह है कि मंत्री  व बहुमत होते हुए शांडिल अपने ही हलके में उप महापौर  के लिए मत नहीं जुटा सके। इसका जवाब तो खड़गे, के अलावा प्रियंका व राहुल को भी मांगना चाहिए अन्‍यथा मध्‍यप्रदेश, छतीसगढ़ और राजस्‍थान में जो हुआ है वह 2024 में लोकसभा में भी हेा जाए तो हैरान नहीं होना चाहिए।

कांग्रेस बनाम कांग्रेस में हुआ महापौर पद के लिए मुकाबला

यही नहीं महापौर के पद पर भी कांग्रेस बनाम कांग्रेस के बीच मुकाबला हुआ। इनमें से कांग्रेस में मंत्री धनी राम शांडिल के करीबी सरदार सिंह ठाकुर को कुल छह ही मत मिले जबकि हालीलाज कांग्रेस व मंत्री मुकेश अग्निहोत्री  की समर्थक ऊषा शर्मा को 11 मत मिले व वह सोलन नगर निगम की महापौर चुन ली गई।

यह सब तब हुआ जब इन चुनावों के प्रभारी सुक्‍खू सरकार में ताकतवर उदयोग मंत्री हर्षवर्धन चौहान प्रभारी थे। इसके अलावा हालीलाज से मंत्री विक्रमादित्‍य सिंह और सुक्‍खू की नाक के बाल व अर्की से विधायक व सीपीएस संजय अवस्‍थी कई दिनों से सोलन कांग्रेस के पार्षदों को मनाने  में लगे थे। लेकिन ये सब मिल कर भी कांग्रेस के कुनबे को संभाल कर नहीं रख सके।

कांग्रेस के पास थे दोनों पद

याद जयराम सरकार में सोलन नगर निगम के हुए चुनावों में कांग्रेस महापौर व उप महापौर दोनों पदों को जयराम व बिंदल के बीच चल रही जंग के बीच झटक कर ले गई थी। लेकिन अब बिंदल ने बदला ले लिया है और प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष प्रतिभा सिंह व सुक्‍खू के बीच चल रही जंग का फायदा उठाते हुए उन्‍हीं सरकार में उप महापौर के पद पर भाजपा समर्थक मीरा आनंद को जीता ले गए हैं।

उन्‍होंने कोई मौका नहीं छोड़ा व पूरे भाजपाई लाव लश्‍कर को मीरा आनंद की जीत के जश्‍न में शामिल करवा दिया है। अब कांग्रेस के पास अपनी सरकार होते हुए केवल महापौर का ही पद बचा हैं।

 

शांडिल समर्थकों ने भाजपाइयों संग मिल अपने की महापौर व उप महापौर के खिलाफ लाया था अविश्‍वास मत

याद रहे कि शांडिल समर्थक कांग्रेस समर्थित पार्षद सरदार सिंह ठाकुर समेत चार अन्‍य पार्षदों ने पहले भी कांग्रेस की महापौर पूनम ग्रोवर और उप महापौर राजीव कौड़ा के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाया था।  इल्‍जाम है कि इन्‍होंने भाजपा  के छह व एक आजाद जो भाजपा का बागी था को संग लेकर अविश्‍वास प्रस्‍ताव दिया था। लेकिन इसे डीसी ने नामंजूर कर दिया था। इस प्रस्‍ताव पर  11 की जगह 12पार्षदों के दस्‍तख्‍त चाहिए थे।

ग्रोवर सुक्‍खू सरकार में रही इग्‍नोर

सोलन कांग्रेस से जुड़े सूत्र बताते है कि कांग्रेस की सुक्‍खू सरकार में महापौर पूनम ग्रोवर को पूरी तरह से नजर अंदाज  किया जाता रहा  जबकि जयराम सरकार में हुए सोलन नगर निगम चुनावों में उन्‍होंने बिंदल के बेहद नजदीकी  या समझो प्रबंधक पवन गुप्‍ता को हरा कर इतिहास रचा था।पूनम ग्रोवर, राजीव कौड़ा समेत कांग्रेस के  पार्षदों ने अविश्‍वास लाने वाले चार कांग्रेस पार्षदों को इन चुनावों में खड़ा न करने का अल्‍टीमेटम दिया था। मसला प्रतिभा सिंह ही नहीं सुक्‍खू तक भी पहुंचा था। लेकिन ये बड़े कांग्रेस नेता नहीं माने। जबकि हर्षवधन चौहान ने तो इन पार्षदों को तल्‍खियां भी दिखाई थी।

 

ग्रोवर को से खफा हैं शांडिल

कहा जा रहा है कि सुक्‍खू सरकार में मंत्री शांडिल  सोलन नगर निगम की पूर्व महापौर पूनम ग्रोवर से खफा रहें हैं। विधान सभा चुनावों के दौरान  ग्रोवर ने भी कांग्रेस के टिकट के लिए दावेदारी जताई थी। बेशक उन्‍हें टिकट नहीं मिला था। सोलन कांग्रेसियों का मानना है कि शांडिल इसीलिए ग्रोवर को हाशिए पर धकेलने पर आग गए और आज अपनी सरकार व नगर निगम सोलन में बहुमत होने के बावजूद उप महापौर का पद भाजपा की झोली में डाल गए।

खड़गे से है शांडिल का याराना

कांग्रेस में भाजपा की तरह मोदी- शाह की डिक्‍टेटर वाली राजनीति नहीं चलती हैं। राहुल गांधी व प्रियंका गांधी को  प्रदेशों में कांग्रेस नेता अभी बच्‍चा ही समझती हैं। कहा जा रहा है शांडिल कांग्रेस के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से याराना है। ऐसे में सरकार व संगठन में सब शांडिल की तरफदारी में  रहें हैं।

 

                                                                                                                    फोटो कैप्‍शन- भाजपा समर्थित उप महापौर मीरा आनंद