शिमला। माकपा के बड़े नेता व पूर्व सचिव राकेश सिंघा  को सचिवालयसे उठाकर दूर साधूपुल के पास बेहोशी की हालात में पुलिस की ओर से फेंक देने के बाद प्रदेश के तमाम बड़े वामपंथी नेता माकपा के प्रदेश सचिव ओंकार शाद ,कुलदीप सिंह तंवर,मेयर संजय चौहान व डिप्‍टी मेयर टिकेंद्र पंवर मुख्‍यमंत्री वीरभद्रसिंह पर टूट पड़े है।इन वामपंथी नेताओं ने कहा कि ये सिंघा की हत्‍या करने का प्रयास था,जो विफल हो गया है। ऐसे में सीएम को अपने पद से इस्‍तीफा दे देना चाहिए।

माकपा नेता सिंघा  बाकी नेताओं के साथ किन्‍नौर में पिछले पौने चार महीने से शोंगटोंग  हाइडल पावर प्रोजेक्‍ट में आंदोलन कर रहे मजदूरों की मांगों के समर्थन में सचिवालय के बाहर हड़ताल पर बैठे हुए थे।

इन नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह  सविधान को ताक पर रखकर अपने राजनैतिक विरोधियों के ख़ात्मे  का अभियान चलाए हुए हैं। वे राज्य की शक्तियों के दुरुपयोग कर रहे हैं।उन्‍हें तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।  सिंघा जो कामगारो के हितों के लिए दूसरे कामगारों के साथ अनिश्चितकालीन अनशन पर थे को हिमाचल पुलिस ने हत्या  के उद्देश्य से उठा लिया।

आहत इन वामपंथी नेताओं ने कहा कि  8 जुलाई सचिवालय के नज़दीक अंजाम दिया गया जहाँ उनको अनिश्चितकालीन अनशन के 7दिन पूरे हो गये थे, जब राकेश सिंघा और साथी संजू नेगी जो बात भी मुश्किल से कर पा रहे थे को बजाय अस्पताल ले जाने के, उन्हे मुख्यमंत्री के आदेश पर पुलिस द्वार ट्रक में डाल कर शिमला से लगभग 35 किलोमीटर दूर साधुपुल जो सोलन जिला में है में बेहोशी की हालत मे फेंक कर चले गये। इन दोनोंं को बिना किसी चिकित्सीय सहायता के वहाँ मरने के लिए फेंक दिया गया।

माकपा ने इस कांड को अंजाम देने वाले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, छोटा शिमला के थाना प्रभारी और 6 अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

सी पी आई एम ने कहा है माकपा 11 जुलाई को पूरे प्रदेश मे इसके विरोध मे प्रदर्शन किया जाएगा और मुख्ययमंत्री  का पुतला जलाया जाएगा।

माकपा राज्‍यपाल को भी अवगत कराएगी कि मुख्यमंत्री प्रदेश में अराजकता का माहौल बनाने मे लगे हुए है।इन नेताओं ने दावा किया कि अस्पताल पहुँचाए जाने पर चिकित्सा अधिकारी ने खुले तौर पर माना क़ि यदि एक घंटे की भी देर हो जाती तो दोनों मे से कोई भी जिंदा नहींं रहता
इन नेताओं ने कहा कि शोंगटोंग व कड़छम के श्रमिको के संघर्ष को आगे ले कर जाएगी ।