शिमला। मनी लांड्रिंग मामले  में फंसे मुख्‍यमंत्री वीरभद सिंह के एलआइसी एजेंट आनंद चौहान को अदालत से राहत न मिलने व सीएम की राष्‍ट्रपति मुखर्जी से हुई मुलाकात के कई मायने लगाए जा रहे है।आनंद चौहान की जमानत अर्जी पर अब सुनवाई2 अगस्‍त को होनी हैा। चौहान न्‍यायिक हिरासत में हैं। मुख्‍यमंत्री राष्‍ट्रपति के अलावा मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से भी मिले।

मनी लांड्रिग मामले में मोदी सरकार के प्रवर्तन निदेशालय व सीबीआई केशिकंजे में फंसे मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह इन दिनों दिल्‍ली दौरे पर है।समझा जा रहा है कि  बाकी कामों के अलावा वो अपने मामलों को निपटाने का इंतजाम करने दिल्‍ली गए है।भ्रष्‍टाचार के मामले में बुरे फंसे वीरभद्र सिंह की बीवी व पूर्व कांग्रेस सांसद प्रतिभा सिंह को इडी ने 28 तारीख को पूछताछ के लिए बुलाया है।चूंकि अरेस्‍ट से बचने के लिए  वीरभद्र सिंह व प्रतिभा सिंह  के  पास कोई कानूनी कवच नहीं हैं ऐसे में इडी की ओर से इन दोनों को पूछताछ के लिए बुलाने में देरी करनेे  को लेकर सवाल खड़े हो गए है।

आनंद चौहान को इडी चंडीगढ़ से उठा कर ले गई थी। जबकि मुख्‍यमंत्री व उनके परिवार के सदस्‍यों  से पूछताछ करने केलिए इडी ने अपनी गति धीमी कर दी है।कहा जा रहा है कि जबसे वीरभद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तब से इडी ने अपनी रफ्तार धीमी कर दी है।ये अपने आप महत्‍वपूर्ण है।

उधर,मुख्‍यमंत्री व उनके परिवार केसदस्‍यों की कई अर्जियां अलग-अलग अदालतों  में लंबित है जिन पर सुनवाई  29 तारीख को सुनवाई होनी है।इडी की धीमी रफ्तार से क्‍यास लगाए जा रहे है कि या तो इडी के पास फिट केस नहीं हैं या फिर को जुगाड़ हो गया है।

उधर मुख्‍यमंत्री ने राष्‍ट्रपति से मुलाकात कर राजनीतिक गलियारों में अटकलों को हवा दे दी हैं।  हालांकि राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी के राष्‍ट्रपति बनने के चार साल पूरे हो गए है व सीएम उन्‍हें बधाई देने पहुंचे  है। लेकिन अटकलें कई तरह की लगाई जा रही है।