शिमला। मनी लांड्रिंग केस में मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह 13 तारीख वीरवार को दिल्‍ली में प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में बिना अदालती सुरक्षा घेरे के पूछताछ के लिए जाएंगे। वीरभद्र सिंह ने आज मीडिया से कहा कि वो इडी जब भी बुलाएगा , वो जाएंगे। इसस पहले वो सीबीआई और आयकर विभाग को भी रिपोर्ट कर चुके हैं।इसके अलावा मुख्‍यमंत्री का दिल्‍ली का दौरा भी तय हो गया हैं। वो बुधवार को दिल्‍ली जाएंगे व 13 तारीख को दिल्‍ली में ही रहेंगे । 14 को वापस लौटेंगे व प्रदेश के दौरे पर रहेंगे।

यहां यह महत्‍वपूर्ण है कि मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अभी तक अदालत से गिरफ्तारी से बचने के लिए कोई आदेश नहीं ले रखा हैं।  हालांकि बीच में अभी बुधवार का दिन हैं।

इससे पहले जब उनकी बीवी व पूर्व कांग्रेस सांसद प्रतिभा सिंह व पुत्र व प्रदेश युवा कांग्रेस अध्‍यक्ष विक्रमादित्‍य सिंह इडी की पूछताछ के लिए दिल्‍ली गए थे तो दिल्‍ली हाईकोर्ट से ये आदेश ले लिया था कि इडी उन्‍हें अरेस्‍ट नहीं करेगी। इडी ने ऐसा किया भी नहीं । इडी ने केवल मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को ही इस मामले में अरेस्‍ट किया हुआ हैं।वो करीब नौ महीने से जेल में बंद हैं।

ऐसे में मोदी सरकार के इडी  के अफसर फंस गए हैं कि वो किसी राज्‍य के मुख्‍यमंत्री को गिरफ्तार करने की ताकत रखते हैं या मुख्‍यमंत्री होने के पेचिदकियां उनके आड़े आएंगी। 13 तारीख को इडी  के अफसर क्‍या करेंगे इससे मोदी सरकार क्‍या चाहती हैं,ये भी संकेत मिल जाएगा।

मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के प्रधानमंत्री मोदी के साथ दोस्‍ताना रिश्‍ते हैं जबकि वित मंत्री अरुण जेटली से प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल व उनके बेटे अनुराग ठाकुर की वजह से कड़वाहट भरे रिश्‍ते हैं। हालांकि धूमल के जन्‍मदिन पर वीरभद्र सिंह उन्‍हें जन्‍मदिन की बधाई दे चुके हैं। ऐसे में समझा जा रहा हैं कि इडी के अफसर मुख्‍यमंत्री को गिरफ्तार करने की हिम्‍मत नहीं दिखा पाएंगे।

उधर, वीरभद्र के आतंरिक तौर पर (बाहरी तौर पर प्रदेश के कांग्रेसियों को ये लगता हैं कि आनंद शर्मा वीरभद्र सिंह के खिलाफ हैं। लेकिन इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि जब भी संकट आया ऐन मौके पर आनंद शर्मा ने विरोधी कांग्रेसियों का साथ न देकर वीरभद्र सिंह का साथ दिया हैं।) बेहद करीबी पूर्व विदेश मंत्री व हिमाचल से राज्‍यसभा सांसद आनंद शर्मा बीते रोज ही संसद में मोदी सरकार पर कांग्रेस के मुख्‍यमंत्रियों व पूर्व मुख्‍यमंत्रियों के खिलाफ इडी व सीबीआई के घोड़े चलाने का इलजाम लगा चुके हैं। ऐसे में मोदी व जेटली की इडी के अफसर संभवत: ज्‍यादा कुछ नहीं कर पाएंगे। अगर मोदी सरकार के इडी के अफसरों ने मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह को  गिरफ्तार किया तो इसके कई महत्‍वपूर्ण संदेश जाएंगे।

उधर, सीबीआई अदालत में सीबीआई पहले ही वीरभद्र सिंह समेत नौ  आरोपियों के खिलाफ आय से अधिक संपति मामले में चालान पेश कर चुकी हैं। जबकि दिल्‍ली हाईकोर्ट ने  नौ महीनों से जेल में बंद आनंद चौहान को जमानत देने से इंकार कर मामले को जटिल बना दिया हैं।

अब 13 तारीख को इस बात का इंतजार रहेगा कि इडी के अफसर क्‍या करते हैं। उधर, इसी दिन हमीरपुर में भोरंज विधानसभा हलके के उप चुनाव का नतीजा भी आना हैं।