शिमला। मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दिल्‍ली हाईकोर्ट की ओर से उनके आय से अधिक संपति मामले में के दिल्‍ली हाईकोर्ट की ओर से दिए फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी हैं।वीरभद्र सिंह की ओर से पूर्व मंत्री व वरिष्‍ठ वकील सलमान खुर्शीद ने इस बावत याचिका दायर की हैं। इस मामले में सीबीआई ने दिल्‍ली की सीबीआई की अदालत में चालान पेश कर दिया हैं व वहां छह अप्रैल को सुनवाई होनी हैं।सुप्रीम  कोर्ट में मामले की सुनवाई आगामी दिनों में होगी।

 

उधर, प्रदेश भाजपा प्रदेश में तुरंत चुनाव कराने की मांग कर डाली हैं। पार्टी प्रवक्‍ता व पूर्व मंत्री राजीव बिंदल ने यहां आयोजित संवाददाता सम्‍मेलन में कहा कि वीरभद्र सरकार जनता का भरोसा खो चुकी है।ऐसे में नए सिरे से जनादेश लेने के अलावा सरकार के पास कोई और विᘝఀकल्‍प नहीं बचा हैं।

उन्‍होंने कांग्रेस आलाकमान पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस आलाकमान दिवालिया हो चुका हैं।देश में शायद ही कोई मुख्‍यमंत्री रहा हो जो अदालत में भ्रष्‍टाचार के मामले में चालान पेश होने के बाद पद पर रहा हो। उन्‍होंने सवाल उछाला कि भ्रष्‍टाचार में फंसे वीरभद्र को सीएम पद पर रखने की उसकी क्‍या मजबूरी हैं।

बिंदल ने कहा कि सरकार में सीएम खुद को बचाने में लगे हैं। एक दूसरा गुट हैं जिन्‍हें वीरभद्र सिंह ने लाल व नीली बती दे रखी हैं वो भाजपा को कोसने में लगी हैं। एक और गुट हैं जो इस इंतजार  में हैं कि कब वीरभद्र सिंह कुर्सी से उतरे और वो कुर्सी अपने कब्‍जे में करे। सरकार में यही हो रहा हैं।

 बिंदल ने कहा कि सीबीआई, इडी,आयकर  के साथ हाईकोर्ट भी गलत हैं केवल वीरभद्र सिंह ही ठीक हैं।वह  यही  कह रह हैं कि उनके खिलाफ साजिश रची गई हैं।