शिमला। केसीसी बैंक कर्ज मामले में दर्ज एफआइआर में आरोपी बनाए गए कांग्रेस सेवादल के प्रदेश प्रवक्‍ता व मंडी से होटलियर युद्ध चंद बैंस की जमानत को लेकर आज प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई होनी हैं। मामले की सुनवाई मुख्‍य न्‍यायाधीश की अदालत में होनी हैं। इस मामले में आज की सुनवाई बेहद महत्‍वपूर्ण है।समझा जा रहा है कि विजीलेंस की ओर से उनकी अंतरिम जमानत को रदद करने का आग्रह अदालत सेकिया जाएगा।

 

विजीलेंस ने केसीसी बैंक कर्ज घोटाले में आठ जनवरी को बैंस के खिलाफ धारा 420 और 120बी समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। लेकिन उन्‍हें नौ जनवरी को प्रदेश हाईकोर्ट से इस शर्त की कि वो जांच में शामिल होंगे, अंतरिम जमानत मिल गई थी। ये अंतरिम जमानत सात फरवरी तक मिली हुई है।

पिछले सुनवाई को विजीलेंस ने अदालत में दायर स्‍टेटस रपट में कहा था कि बैंस जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। इसके अलावा कुछ दस्‍तावेजों के जाली होने का जिक्र भी स्‍टेटस रपट में किया था।

इस बीच बैंस 11 जनवरी से लेकर छह फरवरी तक विजीलेंस के सामने 11 से 12 दिनों तक जांच में शामिल हो चुके हैं।  वह 11 जनवरी को विजीलेंस  के ऊना कार्यालय में जांच में शामिल होने के लिए पहुंचे। उसके बाद वो दिल्‍ली चले गए व 18 जनवरी से अमूमन लगातर विजीलेंस पूछताछ के लिए विजीलेंस मुख्‍यालय  में हाजिर होते रहे हैं।

विजीलेंस पूछताछ में उनसे क्‍या पूछा गया है व राजधानी में विजीलेंस मुख्‍यालय में विजीलेंस ने कितने-कितने घंटों पूछताछ की है, इसका खुलासा विजीलेंस की ओर से नहीं किया गया है।

 

याद रहे विजीलेंस ने इस मामले में बैंस पर केसीसी बैंक से बीस करोड़ का कर्ज लेने में अनियमितताएं बरतने और इसे न लौटाने का इल्‍जाम लगाया हैं। ये कर्ज एनपीए हो चुका हैं। बैंस को केंद्र सरकार ने सुरक्षा मुहैया कराई हुई है।

 

याद रहे 11 जनवरी को बैंस ने ऊना में मुख्‍यमंत्री सुक्‍खू व उनकी टोली पर कई संगीन इल्‍जाम लगाकर सनसनी फैला दी थी । उनने दावा किया था कि उनने ये सारे मामले की शिकायत केंद्रीय एजेंसियों सीबीआइ व इडी से कर रखी है लेकिन उनके दावों पर अभी तक सीबीआइ व इडी ने इस टोली पर कोई कार्रवाई नहीं की हैं। बहरहाल, अब मामला दिलचस्‍प मोड़ पर पहुंचा हुआ हैं।