धर्मशाला।  हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय   में पूर्व राजदूत पार्बती सेन व्‍यास ने भारत के आर्थिक मोर्चे पर मजबूत बनने के विभिन्‍न बिंदुओं को स्‍टूडेंटस के साथ साझा किया। उन्‍होंने कहा क‍ि दुनिया की प्रमुख शक्तियों चीन,अमेरिका और अरब देशों के साथ भारत के संबंध  मजबूत हुए है व दुनिया का कोई भी देश भारत को नजरअंदाज करने की स्थिति में नहीं है।उन्‍होंने कहा कि भारत की आर्थिकी सार्क,ब्रिक्‍स,जी20जैसे समूहों के साथ व्‍यापार संबंध बढ़ाकर मजबूत किया जा सकता है।

चीन,अमेरिका व अरब देशों के समूह के साथ भारत के आयात-निर्यात संबंधों की जानकारी देते हुए उन्होंने भारत के स्थानीय बाजारों की आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धी सकारात्मक भावना को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा । सेन व्यास ने अपने इस व्याख्यान में भारत के आर्थिक विकास की पूरी ऐतिहासिक प्रक्रिया को उजागर कियाए जिसमें भारत की आत्मनिर्भर विकास की साफ झलक देखी जा सकती है । साथ ही विभिन्न पड़ावों पर विहंगम दॄष्टि दिखती है जिसमें हरित क्रान्ति से लेकर 1991 के आर्थिक सुधार कार्यक्रम एवं नीतियां हैं जिन्होंने व्यापक समझ के साथ भारत की आर्थिक संरचना को निर्दिष्ट किया ।

इस मौके पर विवि के कुलपति प्रोफेसर योगेंद्र  वर्मा ने कहा इस तरह की व्‍याख्‍यानमाला इस आयोजित की जा रही है ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके और उन्हें  राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय पहचान मिल सके । व्यास भारत सरकार की सेवानिवृत्त राजदूत हैं जिन्होंने विभिन्न देशों के साथ भारत के पारस्परिक संबंधों पर काम किया है ।

उन्‍होंने अन्य शैक्षणिक संस्थानों से अलग विश्वविद्यालय की विशिष्टता और कारगर भूमिका पर भी बात की ।