शिमला।प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महांसघ ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि वह फर्जी डीओ मामले में शिक्षा निदेशालस में बेकसूर कर्मचारियों को प्रताडित कर रही है।महासंघ  के प्रदेशाध्यक्ष एस एस जोगटा ,महासचिव हेम सिह ठाकुर व प्रेस सचिव एम एम आर वर्मा ने कहा कि पुलिस शिक्षा निदेशालय में प्लस-टू ब्रांच के ट्रासफर सेल में तैनात लिपिक को उस समय हिरासत में लिया गया जब वह भोजन कर रहा था ।इन कर्मचारी नेताओं ने कहा कि इस तरह का बर्ताव न्यायसंगत नहीं है।

 

जोगटा ने कहा है कि दोषियो के खिलाफ कार्रवाई करने तथा निर्दोष को इस तरह प्रताड़ित  न करने की मांग की । महासंघ  की अस मसले को लेकर आज आपात बैठक हुई।  बैठक  में  कर्मचारी नेताओं ने कहा कि निदेशालय का कर्मचारी वर्ग किसी भी जांच एजेंसी से जांच के लिए तैयारहै। लेकिन पुलिस सही आरोपी को नहीं पकड़ रही है।

 

बैठक में निदेशालय  के   कर्मचारियों व  प्रदेश महासंघ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के डीओ नोट चोरी करने वाले आरोपियों के साथ नरमी बरती जा रही है।असली गुनाहगारों को पनाह व संरक्षण दिया जा रहा है वह  निदेशालय में बेलगाम घूम रहें है।

महासंघ ने कहा कि पुलिस पर किसी का  दबाव है जो  वो असली गुनाहगार  को नहीं पकड़ रही है।सचिवालय के एक कर्मचारी ने जिस दिन डीओ नोट चोरी हुए थें उस दिन उसने  लिखित बयान दिया   था  जोकि पुलिस के पास मौजूद है।

 

उस  दिन उनके पास सचिवालय में कौन कौन आए इसका सारा ब्‍यौरा पुलिस के पास है।महासंघ ने आरोप लगाया कि वही लोग वहाँ पर थे और डीओ नोट चोरी करके ले गए थे।ये नोट उन्होंने किसको   दिए  उसकी छानबीन नही हो रही  है।महासंघ ने यह भी आरोप लगाए इस मामले में मास्‍टर माइंड संजय गुलेरिया  को पुलिस शिक्षा निदेशालय लेगईथी  वहाँपरउसनेकईकर्मचारियोंकेनामउजागरकिएथेजिनकोवहनोटदियाकरतेथे।वहसबआजबेलगामघूमरहेहै।