शिमला।मोदी सरकार में वित मंत्री व हिमाचल के पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल व भाजपा सांसद  अनुराग ठाकुर  के करीबी  अरुण  जेटली के अधीन प्रर्वतन निदेशालय की ओर से 28 अक्‍तूबर को वीरभद्र सिंह के खिलाफ मनी लाड्रिंग को लेकर दर्ज  एफआईआर से जुड़े मामले में दिल्‍ली ,कोलकाता, मुबंई समेत कई  ठिकानों पर  ईडी की टीमों ने छापेमारी की  है।छापेमारी में क्‍या कुछ मिला है इसका कुछ पता नहीं चल रहा है।सुबह दस बजे से पहले शुरू हुई छापेमारी की कार्यवाही देर शााम तक चली हुई थी।छापेमारी  से वीरभ्रद सिंह की मुश्किले बढ़ गई है ।

समझा जा रहा है कि ईडी की टीमों ने वक्‍कामुल्‍ला चंद्र शेखर,कोलकाता में किसी रंजन नामक शख्‍स और किसी रामप्रसाद गुप्‍ता के ठिकानों  पर ये छापेमारियां की है।हालांकि ईडी के अफसरों की ओर से किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं की जा रही है।

जिन लोगों की कंपनियों  व ठिकानों पर छापेमारी  की गई  हैं उन पर ईडी को  वीरभद्र सिंह के साथ लेन देन होने का अंदेशा है। इसी मामले में 23 अक्‍तूबर को सीबीआई ने भी एफआईआर दर्ज कर रखी है।सीबीआई ने 26 अक्‍तूबर  को वीरभद्र सिंह व बाकियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। समझा जा रहा  है है कि ईडी के निशाने पर  वीरभद्र  के निजी प्रधान सचिव सुभाष आहलुवालिया समेत कई करीबी है।आहलुवालिया के खिलाफ पहले ही चंडीगढ़ में ईडी के तहत जांच  चल रही  है।

उधर, 3 दिसंबर को दिल्‍ली हाईकोर्ट में सीबीआई की ओर दर्ज  एफआईआर  मामले में सुनवाई होनी है। बताया जा रहा है कि मेादी की सीबीआई को बांधने के लिए जेटली की ईडी सक्रिय हुई है।मोदी व वीरभद्र सिंह की दोस्‍ती जगजाहिर है । सीबीआई मोदी के अधीन है  जबकि धूमल और जेटली की करीबियां भी जगजाहिर है और ईडी जेटली के अधीन है। ऐसे में  केंद्रीय एजेंसियों की ओर से वीरभद्र  सिंह को ठिकाने लगाने और  हिमाचल में वीरभद्र सरकार की ओर से धूमल को ठिकाने लगाने की इस मुहिम  में कई सवाल भी खड़े हो रहे है।

शिमला में तैनात ईडी के सहायक निदेशक भूपेंद्र नेगी के साथ पहले ही सरकार का पंगा चल रहा है और नेगी को वापस डेपुटेशन से बुलाने के लिए सरकार ने दो नवंबर को एक और चिटठी लिखी है।  भूपेंद्र नेगी को वापस लाने के  वीरभद्र सिंह सरकार के आग्रह को इससे पहले एक बार वित मंत्रालय ठुकरा चुका हुआ है।ऐसे में कहा जा रहा है   कि नेगी अपनी  उपर ताकत लगाए हुए है।नेगी हिमाचल पुलिस के अफसर है और वो इन दिनों ईडी में डेपुटेशन पर है।

पापा से बदला ले रही बीजेपी

ईडी  की ओर से दर्ज एफआईआर व आज कई  जगहों पर हो रही छापेमारी  को लेकर मीडिया की ओर से पूछ सवाल पर मुख्‍यमंत्री के बेटे व  राज्‍य युवा कांग्रेस  के अध्‍यक्ष विक्रमादित्‍य सिंह ने कहा कि पापा से बदला लेने के लिए बीजेपी ने सारी सीमाएं  लाघ दी है। पहले जिस दिन घर में शादी थी उस दिन सीबीआई ने छापेमारी की। आज मुख्‍यमंत्री बिहार में नीतिश कुमार के शपथ समारोह में गए है तो आज अरुण जेटली ने ईडी से छापेमारी   करवा दी।विक्रमादित्‍य  ने कहा कि मोदी सरकार ये सब लोगों का ध्‍यान हटाने  के लिए किया जा रहा है।बीजेपी व केंद्र सरकार  हिमाचल की सरकार को अस्थिर करना चाहती है।