शिमला। आगामी विधानसभा चुनावों के मददेनजर निर्वाचन आयोग से लेकर पुलिस विभाग तक ने सूचना प्रोद्योगिकी के औजारों के जरिए जनता से रूबरू होने के लिए तैयार हो गए हैं।

भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त अचल कुमार जोति ने विधानसभा चुनाव-2017 के विभिन्न कार्यकलापों में पारदर्शिता, उपलब्धता, समन्वय तथा बेहतर प्रबन्धन सुनिश्चित बनाने के लिये आयोग की ओर से  तैयार कई नई आईटी एप्पस जिनका सदुपयोग आगामी चुनाव में किया जाएगा ,का शुभारंभ किया।

इनमें ‘हिमाचल निर्वाचन एटलस’ मतदान केन्द्रों की स्थिति, मतदान केन्द्रों का पूर्ण ब्यौरा, केन्द्र तक पहुंचने के मार्ग तथा क्षेत्र की अन्य महत्वपूर्ण विशेषताओं सहित राज्य के महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थलों की जानकारी उपलब्ध करवाएगी। इन जानकारियों के संबंध में किसी भी स्तर पर एप्प का इस्तेमाल किया जा सकता है और जवाब तुरन्त मिल जाएगा।

दूसरी एप्प ‘हिमाचल चुनाव प्रबंधन प्रणाली’ का प्रयोग राज्य में चुनाव प्रबंधों के लिये किया जाएगा, जिसका समन्वय मुख्य निर्वाचन अधिकारी से जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा मतदान केन्द्रों तक होगा। इसमें भी चेतावनी किसी भी स्तर पर उत्पन्न की जा सकती है जिसका उत्तर बिना किसी देरी के प्राप्त हो जाएगा।

पहली बार साफ्टवेयर के माध्यम से मतदान डयूटी पर तैनात पुलिस जवानों की मतदान डियूटी भी अन्य स्टॉफ की तर्ज पर रेंडमाइजेशन की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य के प्रत्येक घर के मोबाइल नम्बर के अद्यतन के लिये ‘मोबाईल नंबर अपडेशन एप्प’ का प्रयोग किया जाएगा। इस एप्प का लिंक निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

ऑटोमेटिड रिपलाय तथा मिसड कॉल की सुविधा 0177-2620551 नम्बर पर उपलब्ध होगी। उपरोक्त नम्बर पर मिस कॉल के द्वारा चुनावों से सम्बन्धित कोई भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। कॉल का जवाब 30 मिनटों के भीतर दिया जाएगा। जीआईएफ एप्प वीवीपीएटी की कार्यकारणी के बारे जानकारी उपलब्ध करवाएगा

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेन्द्र राजपूत ने कहा कि मतदाताओं को चुनावों से संबंधित जानकारी प्रदान करने के लिए प्रदेश के सभी घरों में पोस्ट कार्ड वितरित किए जाएंगे।

इस अवसर पर भारत के निर्वाचन आयुक्त ओम प्रकाश रावत तथा सुनील अरोड़ा, वरिष्ठ उप-निर्वाचन आयुक्त  उमेश सिन्हा, उप-निर्वाचन आयुक्त  संदीप सक्सेना तथा सुदीप जैन भी उपस्थित थे।

उधर, डीजीपी सुमेश गोयल ने इन चुनावों में वोट के लिए लालच में न आने के लिए इंस्‍पेक्‍टर सावधान नामक एक अभियान का आगाज किया। गोयल ने इसकी लॉंचिंग माल रोड पर रिपोर्टिंग रूम से शुरू की। उन्‍होंने कहा कि इस अभियान को थाने तक ले जाया जाएगा व मतदाताओं को वोट देने के अलावा शराब व अन्‍य तरह लालचों में न आकर वोट देने के लिए जागरूक व शिक्षित किया जाएगा।

उन्‍होंने कहा कि  सावधान इंस्‍पेक्‍टर के कट आउट के साथ सेल्‍फी प्‍वाइंट भी बनाए जाएंगे ताकि सैलानी व बाकी लोग सेल्‍फी ले सके।

 

डीजीपी ने कहा कि इसके अलावा इंस्‍पेक्‍टर सावधान नामक एक एप भी तैयार किया जा रहा हैं । इसके लिए पुलिस विभाग को 4 करोड 79 लाख रुपया केंद्र सरकार से आ गया हैं और प्रदेश सरकार से भी हर तरह की मंजूरियां मिल गई हैं। इसके सीडैक की टीम स्‍थान का चयन करने के लिए चली गई हैं।

इस एप्‍प के जरिए 112 नंबर शुरूकिया जाएगा व इसमें बाकी छोटे एप्‍प भी होंगे। जब ये नबंर शुरू हो जाएगा तो 100 नंबर समाप्‍त कर दिया जाएगा।112 नंबर पर 30 हजार कॉल्‍ज एक दिन में ली जा सकेगी।ये नंबर सभी पीसीआर गाडि़यों व थानों से लिंक होगा।किसी भी तरह की मुश्किल व मदद के लिए इस नंबर पर कॉल करने पर पुलिस तुरंत हरकत पर आ जाएगी। क्रप्‍शन को लेकर भी इस एप्‍प्‍ में विजीलेंस विभाग का हेल्‍पलाइननंबर होगा जिस पर कॉल की जा सकेगी।जब तक ये नंबर चालू नहीं होगा, तब तक बाकी सारे इमरजेंसी नंबर चलते रहेंगे। उन्‍होंने कहा कि पुलिस जनता से बेहतर संवाद कायम करना चाहती हैं।

पुलिस ये संवाद कायम कर पाती हैं या नहीं इसका इंतजार रहेगा।