शिमला। कांग्रेस विधायक व पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में हुए कांड के लिए जयराम सरकार को जिम्मेदार ठहराया । पार्टी अध्यक्ष पद छोडने के करीब ढाइ साल बाद कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे सुक्खू ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह सरकार की नाकामी का नतीजा है।उन्होंने कहा कि इस […]
शिमला। कांग्रेस विधायक व पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में हुए कांड के लिए जयराम सरकार को जिम्मेदार ठहराया । पार्टी अध्यक्ष पद छोडने के करीब ढाइ साल बाद कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे सुक्खू ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह सरकार की नाकामी का नतीजा है।उन्होंने कहा कि इस पूरे कांड में सरकार के मंत्री व उपाध्यक्ष भी शामिल थे उनके खिलाफ भी एफआइआर दर्ज होनी चाहिए। अगर सरकार पहले ही बातचीत के जरिए विपक्ष को अपने भरोसे में ले लेती तो इस तरह का हंगामा नहीं होता। यही नहीं अगर मुख्यमंत्री मौके पर भी नेता प्रतिपक्ष मुकेश्श अग्निहोत्री से बातचीत करते तो मसला हल हो जाता। लेकिन किसी ने विपक्ष की बात को सुना ही नहीं।
सुक्खू ने कहा कि सरकार ने कांग्रेस के विधायकों पर एकतरफा कार्यवाही करते हुए तानाशाही रवैये का परिचय दिया है। पार्टी सरकर के इस रवैये का सदन के भीतर और सदन के बाहर डटकर विरोध करेगी।
उन्होंने इस पूरे हंगामें के लिए विधानसभा उपाध्यक्ष हंसरात और जयराम सरकार के मंत्रियों पर इल्जाम लगाया कि उन्होंने विपक्षी विधायकों को हंगामें के लिए उकसाया।कायदे से जयराम सरकार व विधानसभा को इनके खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए थी। उल्टे नेता प्रतिपक्ष समेत कांग्रेस के पांच विधायकों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। इसके अलावा इनके खिलाफ एफआइआर भी दर्ज कर दी । ये तमाम कार्यवाही राजनीति से प्रेरित है।
सुक्खू ने कहा कि विधानसभा उपाध्यक्ष ने कांग्रेस विधायकों के साथ धक्कामुक्की की और माहौल बिगड गया। कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल का कहीं भी अपमान नहीं किया व आज भी राज्यपाल का सम्मान करते है।कांग्रेस विधायक तो राज्यपाल के सामने केवल अपना विरोध दर्ज कराना चाहते थे।विपक्ष सदन में महंगाई, भ्रष्टाचार, जैसे मसलों पर चर्चा कराना चाहते थे। पूर्णबंदी के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से भजपा के प्रदेशाध्यक्ष को अपने पद से इस्तीफा देना पडा था।
कांग्रेस पार्टी पूरे मामले पर नजर बनाए रखे हुए हैं और विधि विशेषज्ञों से राय भी ली जा रही है।
सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस विधाायक कल सुबह सदन में क्या रण्रनीति रखनी है इसे लेकर विधायक दल की बैठक में फैसला लिया जाएगा।
सुक्खू ने कहा कि राज्यपाल की सुरक्षा का पूरा जिम्मा सरकार का होता है। अगर जयराम सरकार राज्यपाल को सुरक्षा नहीं दे सकती तो कांग्रेस पार्टी राज्यपाल को सुरक्षा मुहैया कराएगी।
सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में होने वाले चारों नगर निगमों के चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार है। साथ ही उन्होंने जोडा कि संगठन में जो कमियां है उन्हें दूर किया जाना चाहिए।
