शिमला। सोशल मीडिया फेसबुक पर अल्पसंख्यक समुदाय से जुडी किसी वीडियो को फेसबुक पर जारी करने को दो समुदायों के बीच वैमनस्य भड़काने की मिली शिकायत पर शिमला की बालुगंज थाना पुलिस ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व उनकी जुंडली पर भ्रष्टाचार के इल्जामों वाली शिकायतें र्डडी तक पहुंचाने वाले कांग्रेस नेता युद्धवीर सिंह बैंस को आज शाम को गिरफतार कर लिया।
उन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 196,299 और 353(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा पुलिस ने दावा किया है कि बैंस को सुबह जांच में शामिल होने के लिए कहा गया लेकिन उसने सहयोग करने से इंकार कर दिया और पुलिस अधिकारियों की वीडियो रिकार्डिंग की जाने लगी। उसने जांच प्रक्रिया में सहयोग न करते हुए जांच कार्य में बाधा उत्पन्न की जिसके चलते पुलिस ने उसके खिलाफ भाारतीय न्याय संहिता की धारा 221 भी लगा दी।
जानकारी के मुताबिक युदद्ध वीर बैंस की गिरफतारी की जानकारी मिलने पर उनके सुरक्षा में तैनात जवानों ने पूरे मामले से अपने आला अधिकारियों को अवगत करा दिया है व मामला गृह मंत्रालय तक पहुंच गया है। अब गृह मंत्रालय इस बावत क्या हरकत करता है, इस बावत अगले 24 घंटों में कुछ पता चल पाएगा।
उधर,बैंस बालूगंज थाने में है व उनको कल अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
बैंस के बेटे ललित बैंस ने इस गिरफतारी को कानून के खिलाफ बतलाया व कहा कि सोशल मीडिया में ऐसे मामलों में गिरफतारी कर प्रावधान नहीं है। कल इस मामले को अदालत के समक्ष उठाया जाएगा।उनने कहा कि चंबा के किसी यासीन भटट नामक व्यक्ति ने बैंस के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज कराई है। वो सुक्खू सरकार के निशाने पर पहले से ही थे। उनने दावा किया कि पुलिस ने उनको दिन को ही पकड़ लिया था लेकिन एक रणनीति के तहत अदालत में आज पेश नहीं किया गया। उनने कहा कि उनकी सुरक्षा में तैनात जवान भी अभी थाने में ही है। वो रात भर थाने में रहेंगे या चले जाएंगे इस बावत अभी तस्वीर साफ नहीं हो रही है।
याद रहे सुबह ही बैंस ने शिमला पुलिस व उनके बीच हो रही बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया था जिसमें वो मुख्यमंत्री सुक्खू व उनकी जुंडली के खिलाफ ईडी में शिकायत करने का हवाला देकर इल्जाम लगा रहे थे कि सरकार उनकी हत्या करना चाहती है। इसके अलावा वो भी कहते सुने जा रहे है कि पुलिस उनको गिरफतार करने जा रही है लेकिन उनने क्या अपराध किया है इस बावत कुछ नहीं दिखा रही है। इस बीच पुलिस उनको मोबाइल पर कुछ दिखाती भी नजर आई।
अब ये मामला पेचिदा हो गया है।
उधर, पुलिस प्रवक्ता की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बैंस की गिर फतारी को कानून करार दिया दिया गया है।पुलिस प्रवक्ता के हवाले से कहा गया है बैंस ने अपने फेसबुक पर एक वीडियो डाली है जिसमें विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने वाली सामाग्री ,एक विशेष समुदाय को लक्षित करने वाली टिप्पणियां और आपतिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है।शिकायत कर्ता ने कहा है कि इस वीडियो को बड़ी तादाद में लोग में देख रहे हैं जिससे क्षेत्र में कानून व व्यवस्था कि स्थिति प्रभावित होने और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ने की संभावना पैदा हो सकती है।
पुलिस प्रवक्ता की ओर से कहा गया है कि प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि वो अपने फेसबुक पर नियमित तौर पर वीडियो पोस्ट करता है।इसके अलावा वीडियो का विश्लेषण करने पर पाया गया कि ऐसी पोस्ट सांप्रदायिक सदभावना को प्रभावित व विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की कारक है।
पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति में बैंस के खिलाफ पूर्व में भारतीय दंड संहिता की धारा 420,468,471 और 120 बी के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत दर्ज एफआइआर का हवाला भी दिया है। इस मामले में बैंस को हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिली हुई। पुलिस इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी गई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले को हाईकोर्ट भेज दिया था व हाईकोर्ट ने पुिलिस के खिलाफ तल्ख टिप्णियां करते हुए पुलिस जांच पर कई सवाल उठाए थे बैंस को नियमित जमानत दे दी थी।
बीते दिनों बैंस ने पांच दिन तक नियमित तौर पर मुख्य सचिव रहे संजय गुप्ता के खिलाफ सोलन में चैस्टर हिल मामले में दिखाई गई कारगुजारियों का वीडियो भी फेसबुक पर जारी किया था। इसके खिलाफ संजय गुप्ता ने 30 मई को छोटा शिमला थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 248,351 और 356(2) के तहत एफआइआर दर्ज की है।
याद रहे सुक्खू सरकार ने बैंस के खिलाफ करोड़ों के केसीसी बैंक मामले में एफआइआर दर्ज की थी लेकिन इस मामले में बैंस को अदालत से जमानत मिल गई थी। बैंस लगातार मुख्यमंत्री सुक्खू व बाकियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के इल्जाम ईडी तक पहुंचाने का दावा करते रहे है। लेकिन ईडी की ओर से न तो कभी सुक्खू के खिलाफ और न ही की उनकी जुंडली के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में लाई है।
चूंकि अब केंद्रीय सुरक्षा हासिल व्यक्ति को ही सुक्खू सरकार की पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है अब केंद्र सरकार हरकत में आती है या नहीं ये देखा जाना है। इसके अलावा प्रदेश भाजपा के अगले कदम पर भी नजर रहेगी।
याद हे पिछले दिनों युवा कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने रोहड़ू इलाके के एक होटल से दिल्ली में नारेबाजी करने और आंदोलन में भाग लेने के लिए गिरफतार किया था। उस समय हिमाचल पुलिस और दिल्ली पुलिस में सड़क पर जमकर बहसबाजी हुई थी। तब कांग्रेस पार्टी का इल्जाम था कि दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है। इस
बैंस की गिरफतारी पर कांग्रेस व भाजपा क्या रुख अपनाती है इसका पता आने वाले दिनों में ही लगेगा।
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