शिमला। सरकार की  नाक के बिलकुल नीचे संजौली में हेरिटेज  इंस्‍टीटयूट ऑफ होटल एंड मैनेजमेंट को प्रदेश वासियों  की  आंखें  में  धूल  झोंकने  वाला व छात्रों से  लाखों रुपए की  फीस बटोर कर  शिक्षा के  नाम  पर अवैध  धंंधा करने  का  दोषी पाते  हुए एचपी प्राइवेट एजुकेशनल इंस्‍टीटयूटस रेगुलेटरी कमिशन ने  तुंरत  बंद  करने  का आदेश दिया  है। साथ  ही  आदेश  की  एक  प्रति एस पी शिमला  को  भी दी  हैं  ताकि  आगामी  कार्यवाही  की  जाए।

आयोग  के सदस्‍य सुनील दत शर्मा  ने अपने आदेश  में  उतर  प्रदेश की हेरिटेज एजुकेशनल सोसायटी   के   चैयरमेन बी  के सिंह को कहा  है कि वो इस संस्‍थान को  तुरंत बंद  करे व दस  दिनोंं  के  भीतर आदेश की  अनुपालना से आयोग  को अवगत कराए।

मामले की सुनवाई के  दौरान आयोग ने पाया कि होटल मेनेजमेंट व केटरिंग  में जो  बीएससी की  डिग्री मदुरैये कामराज यूनिवर्सिटी एमकेयू से  21  हजार  रुपए में  होती  हैं उसके  यहां  छात्रों  से  2  लाख 58  हजार 505 रुपए वसूले जा रहें  हैंं।जबकि  जो  डिप्‍लोमा वहां अाठ हजार  में  होता हैं वो  यहां  पर  45 650  रुपए भी  कराया जा रहा हैं।

इसके  अलावा सोसायटी के आठ  सदस्‍य हैं  अगर  पूरे देश में  किसी  सोसायटी को कामकाज  चलाना  होता  हैं  तो उस  राज्‍य के  भी  छह  आठ सदस्‍य  सोसायटी  में  होने चाहिए।  यहां  ऐसा कुछ नहीं  है।

आयोग  ने  कहा  कि ये   इंस्‍टीटयूट रेगुलर कोर्स चलाने जैसे भ्रामक विज्ञापन देता  है  जबकि  ये  सही  मायने  में  स्‍टडी  सेंटर भी नहीं हैं।यह  छात्रों  से पैंसा  बनाने  का धंधा  मात्र  हैं।

आयोग  ने  ये  भी पाया  कि  संस्‍थान चलाने  के  लिए प्रदेश सरकार से  कोई इजाजत  नहीं  ली   गई थी।