दिल्‍ली/ शिमला।जालंधर व  शिमला में छापेमारी के बाद सीबीआई  ने शिमला  दूरदर्शन  के डिप्‍टी  डायरेक्‍टर जनरल ओम गौरी दत शर्मा के  खिलाफ भ्रष्‍टाचार  निरोधक अधिनयम  व भारतीय दंड संहिता की विभिन्‍न धाराओं  के तहत एफआईआर  दर्ज  कर  दी  है।अपने  अनोखें  कारनामों,विवादास्‍पद संगत और रसूख  के लिए मशहूर ओम गौरी दत शर्मा पर पंजाब के दो  डिस्‍ट्रीब्‍यूटरों  की फिल्‍मों के बदले जाली  दस्‍तावेजों  व  सूचना  के  आधार पर भुगतान  करने  का  आरोप  है।सीबीआई  ने  ओम दत  गौरी  व  बाकियों के  खिलाफ U/s 120-B r/w 420 of IPC and 13(2) r/w (1)(d) of PC Act, 1988  के  तहत  आज  जाकर एफआईआर  दर्ज  की  है।  शिमला  दूरदर्शन  व ओम गौरी दत शर्मा के  आवास पर  सीबीआई  की  ओर  से  छोपेमारी के बाद  तुरंत  एफआईआर  न  करने  से  क्‍यास  लगाए  जा  रहे  थे  की  सीबीआई  को  मैनेज  कर  लिया  गया  हैं। लेकिन आखिर  में  एफआईआर  दर्ज  हो  ही  गई।

सीबीआई  की आधिकारक वेबसाइट  पर  हालांकि  किसी  का  नाम  नहीं  लिखा  है। एफआईआर  में  कहा  गया  है  कि  दूरदर्शन  केंद्र  शिमला  के  निदेशक  ने  जालंधर  की  निजी  कंपनी  के डिस्‍ट्रीब्‍यूटरों  के  साथ  आपरािधक षडयंत्र  रचा और  शिमला दूरदर्शन  से डिस्‍ट्रीब्‍यूटरेां  की ओर से दिए गए  जाली  दस्‍तावेजों  व  सूचना  के  आधार  पर हिंदी फिल्‍मों  के  प्रसारण  को  इजाजत  दी। इस  तरह  दूरदर्शन  के  साथ  धोखधड़ी  की  गई।

यही नहीं 2007 से  लेकर  2012 तक इन निजी कंपनी  डिस्‍ट्रीब्‍यूटरों  को  हिंदी  फीचर  फिल्‍में,टेलीफिल्‍में और हिंदी  फिल्‍में गानें के प्रसारण  की  इजाजत  दी। ये  सब कारनामें बिना  निर्धारित  निर्देशों का  पालन किए  और  जाली  दस्‍तावेजों  व  सूचना  के  आधार  पर  किए गए।

सीबीआई  के  टीमों  ने  इस  मामले  में आरोिपयों  के  जालंधर  में  छह  ठिकानों  और शिमला  में  दो  ठिकानों में  छापेमारी  की  थी।सीबीआइ्र  का  दावा  है कि  उसे  इन  ठिकानों  से  बहुत सारे  दस्‍तावेज,डायरेक्‍टर  के परिवारों  के  सदस्‍यों  के  15  खाते,संपतियों  के  दस्‍तावेज,ढेरों  बीमा  पॉलसियां व दो लॉकरों  की  चाबियां मिली  थी।सीबीआई  के  मुताबिक  मामले की जांच  जारी  है।

सीबीआई  छापेमारी  के  बाद  शिमला  दूरदर्शन  के इस  डायरेक्‍टर  के  चम्‍मचों  ने  मीडिया  को  भी  बरगलाने  की  कोशिश  की थी  व  विज्ञप्‍ितयां  जारी  कर दावा  किया  था  कि  दूरदर्शन  पर  कोई  रेड  नहीं पड़ी  हैं।  ये  केवल  रूटीन   इंस्‍पेक्‍शन  है। लेकिन  आज  भंडा  फूट  गया।

कहा  जा  रहा  है कि  शिमला  दूरदर्शन  में  एक  अरसे  से  भ्रष्‍टाचार  का  बोलबाला चला  हुआ  है। अब  देखना  है  कि  सीबीआई  इसी  मामले  तक  सीमित  रहती  है  या  सारा धंधा  सामने  लाएगी।

फोटो  केप्‍शन- माइक  पर संबोधन  करने  वाला  शख्‍स  जिसके  खिलाफ एफआईआर  दर्ज  हुई। फाइल  फोटो