शिमला। सीबीआई ने  नालदेहरा के समीप मैसर्स जोया रिजार्ट एंड होटल के दो हिस्‍सेदारों राजेश मुखिया व नीनू श्‍याम  व सेंट्रंल बैंक ऑफ इंडिया  के कर्मचारियों व अधिकारियों व अन्‍यों के  खिलाफ बैंक  के साथ धोखधड़ी व भ्रष्‍टाचार करने के मामले में U/s 120-B r/w 420, 405, 467, 468 & 471 of IPC and 13(2) r/w 13 (1) (d) of PC Act, 1988 के एफआईआर दर्ज की । सीबीआई ने आज नालदेहरा के सैंज व बाकी कई स्‍थानों  के अलावा पंचकूला में भी छापेमारी की  है। ये दोनों हिस्‍सेदार नालदेहरा के समीप गांव सधौरा के है।

सीबीआई की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया  की दी माल शाखा से इन दोनों हिस्‍सेदारों ने होटलव रिजार्ट बनाने के लिए करोड़ 55 लाख का कर्ज मंजूर कराया जिसमें से बैंक ने 1 करोड़25 लाख रुपया इन्‍हेंं दे  दिया।इस कर्ज में से होटल पर 25 -30 लाख रुपया ही खर्च किया बाकी के पैसे अपने व्‍यक्तिगत इस्‍तेमाल के लिए खर्च कर दिए।

बैंक को  धोखाा देने के लिए जाली  बिल पेश कर दिए  और बाकी बचा कर्ज नहीं लौटाया। जिसकी वजह से ये कर्ज एनपीए बन  गया।यही नहीं इस कर्ज के एवज में  जिस व्‍यक्ति ने गांरटी दी थी उसाका सेंट्रल बैंक ऑफइंडिया में  एक फ्रूट कंपनी के नाम  चल रहे खाते में ओवर ड्राफ्ट चल रहा है।उस पर बैंक का करीब 1 करोड़ 65 लाख रुपए बकाया है।

इस सिलसिले में सीबीआई ने आज नालदेहरा  शिमला व पंचकूला में इन लोगों के सात ठिकानों पर छापेमारी  की व सर्च  के दौरान बहुत से कागजात मिले है।

कहा जा रहा है कि इस मामले में जिला शिमला के कांग्रेस के नेताओं का भी कुछ लेना देना है।