शिमला।  सीबीआई ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के वीबीएस रिश्वत कांड में  दायर याचिका पर दिल्ली  हाईकोर्ट में ताजा रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में फाइल की है। सीबीआई इससे पहले भी इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट  दायर कर चुकी है।  सीबीआई की ओर से इस मामले में ये दूसरी रिपोर्ट है।
कॉमन कॉज संस्था की ओर से वकील प्रशांत भूषण की जनहित याचिका पर  दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई को  इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट फाइल करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 8 अगस्त के लिए स्थगित कर दी है।
दिल्ली हाईकोर्ट में ये मामला  बुधवार सुबह  सुनवाई के लिए लगा लेकिन प्रशांत भूषण सुप्रीम कोर्ट में दूसरे मामले में पेश होने की वजह से दिल्ली हाईकोर्ट में पेश में नहीं हो पाए।
उनकी ओर से मामले की सुनवाई दोपहर बाद करने की गुहार की गई। लेकिन अदालत  ने मामले को 8 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया।
सीबीआई ने   वक्कामूला चंद्र शेखर  की वेंचर एनर्जी टैक्नालॉजी को वीरभद्र सिंह के पूर्व में मुख्यमंत्री रहते दिए फायदों  व उसकी एवज में कथित तौर पर ली रिश्वत मामले की जांच करने के लिए आदेश देने के लिए अर्जी दाखिल की थी। इस अर्जी पर भी  अब आठ अगस्त को ही सुनवाई होगी। सीबीआई ने इस अर्जी में कहा था कि ये मामला हिमाचल  से जुड़ा है व जब तक अदालत का आदेश न हो या संबंधित राज्य की सरकार मामले  को जांच  के लिए न भेजे,  सीबीआई जांच नहीं कर सकती।
भाजपा वीरभद्र सिंह के भ्रष्‍टाचार के मामलों को जोर शोर से उठा रही है व सीबीआई जांच  का हवाला देते हुए उनका इस्तीफा भी मांग रही है।
लोकसभा चुनावों के इस सीजन में फिलहाल वीरभद्र सिंह को तात्कालिक राहत मिली है।
याद रहे कि प्रशांत भूषण  ने कॉमन कॉज संस्था की ओर से 2013 में दिल्ली हाईकोर्ट में वीरभद्र सिंह के केंद्रीय स्टील मंत्री रहते  निजी स्टील कंपनियों से रिश्वत लेने के आरोपों  को लेकर जनहित याचिका दायर की थी। इस मामले में सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट नवंबर 2013 में हुई सुनवाई के दौरान कहा था कि वो इस मामले में पहले ही जांच कर रही है। हाईकोर्ट ने सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने  के आदेश  दिए थे।