शिमला।शिमला दूरदर्शन के कैजुअल कर्मचारियों की ओर से कार्यालय में एंट्री न दिए जाने के विरोध में किए जा रहे धरने-प्रदर्शन ने तूल पकड़  लिया है।शिमला दूरदर्शन के सहायक निदेशक  ओम गौरी दत शर्मा ने कहा कि जब तक ये कर्मचारी कार्यालय में किसी तरह की तोड़फोड़ या हंगामा न करने का आश्‍वासन नहीं देते तब तक उन्‍हें कार्यालय में आने की इजाजत नहीं दे सकते। उन्‍होंने डर जताया कि अगर इन्‍हें कार्यालय के भीतर आने दिया गया तो वो तोड़फोड़ कर सकते है। उन्‍होंने साथ में जोड़ा कि इन कर्मचारियों को दूरदर्शन के भीतर और बाहर के कुछ तत्‍व गुमराह कर रहे है।वो इन तत्‍वों के बहकावे में न आए।

दूरदर्शन में काम करने वाले कैजुअल कर्मचारी 14 अक्‍तूबर से आंदोलन पर है।14 अक्‍तूबर को चार कर्मचारियों को कार्यालय के भीतर नहीं जाने दिया गया था।इस पर इन कर्मचारियों की एसोसिएशन ने आंदोलन शुरू कर दिया।

दूरदर्शन के कार्यकारी निदेशक शर्मा ने साफ किया कि उन्‍होंने किसी को नहीं निकाला है। इन कर्मचारियों के साथ हुई बातचीत के दौरान कुछ दिन पहले ये नोटिस में आया था कि उन्‍हें सात दिन की असाइनमेंट मिलती है और पैसे भी सात ही दिन के मिलते है।जबकि काम पूरे महीने करवाया जाता है। उन्‍होंने कहा कि दूरदर्शन में  सात  ही दिन  तक  का काम देने  का अधिकार है।  इससे ज्‍यादा दिन काम नहीं करा सकते।चूंकि ये लोग और कहीं काम नहीं करते थे इसलिए जिस दिन इनकी डयूटी नहीं होती थी उन्‍हें उस दिन भी अंदर आने दिया जाता था।

14 अक्‍तूबर को जिन चार लोगों को कार्यालय के भीतर नहीं जाने दिया था उनकी डयूटी नहीं थी।तय किया गया है जिनकी डयूटी नहीं है वो कार्यालय नहीं आए।

उन्‍होंने कहा कि ये कर्मचारी कांट्रैक्‍ट पॉलिसी को लागू करने की मांग कर रहे है। इस पॉलिसी के तहत रिक्‍त स्‍वीकृत पदों पर ही लोगों को रखा जा सकता है। लेकिन शिमला दूरदर्शन में स्‍वीकृत पद ही नहीं है। इन पदों को स्‍वीकृत कराने के लिए कई दफा लिखा गया है।प्रदेश के मुख्‍यमंत्रियों ने भी ये पद मांगे है।पद को वो स्‍वीकृत नहीं कर सकते।ये सरकार,प्रसार भारती व दूरदर्शन के डीजी ही कर सकते है।उन्‍होंने धरना प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों से आग्रह किया कि वो इन पदों को केंद्र से मांगे या उन्‍हें लिखकर दे दे वो प्रस्‍ताव निदेशालय को भेज देंगे व डयूटी चार्ट बना देंगे। कर्मचारियों की ओर से की गई हरकतों की रिपोर्ट वो मुख्‍यालय भेज देंगे।इन कर्मचारियों के साथ बीते रोज वार्ता विफल हो गई थी।

 

14 तारीख के बाद यहां काम करने वाली दो लड़कियों ने पुलिस में शिकायत की है।