शिमला। किन्‍नौर से कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी की ओर से किन्‍नौर के एसपी के बच्‍चों का पूर्णबंदी व कर्फ्यू के बीच दिल्‍ली से किन्‍नौर पहुंचने का मामला उठाने के बाद अब भाजपा ने भी जगत सिंह नेगी को घेरने की कवायद शुरू कर दी है।

प्रदेश वन विकास निगम  के उपाध्‍यक्ष व भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्‍यक्ष सूरत नेगी विधायक जगत सिंह नेगी पर पलटवार करते हुए विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि कोरोना वायरस के समय पूर्ण बंदी का उल्लंघन कर किन्नौर के विधायक ने किन्नौर की जनता को खतरे में डाला है उन पर कड़ी कार्रवाई हो ।

उन्होंने विधायक से पूछा कि 24 मार्च को जब वह शिमला से किन्नौर आए तब पूर्णबंदी 23 मार्च को शुरु हो चुका था। ऐसे में वह दो गाड़ियों में अपने साथ कुछ लोगों को 8 पुलिस चौकियों  को पार करते हुए अपने पद का दुरुपयोग करते हुए किन्नौर लाए । सूरत नेगी ने इल्‍जाम लगाया कि  इन चौकियों पर न तो विधायक जगत सिंह नेगी ने अपना चेकअप करवाया और न ही अपने साथ जो लोग वह लेकर आए थे उनका चेकअप होने दिया । उन्‍होंने सवाल उठाया कि क्या यह अपने पद का दुरुपयोग नहीं है।

सूरत नेगी ने सवाल पूछते हुए कहा कि पहले जगत सिंह नेगी बताएं कि जो दो गाड़ियों में लोग आए थे वह कौन है व उन लोगों का चेकअप उन्होंने क्यों नहीं करवाया और आज वह लोग कहां रह रहे हैं उसका विवरण दे ।सूरत नेगी ने  कहा कि जगत सिंह नेगी जनता से माफी मांगे। वह हर घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करते हैं ।

सूरत नेगी ने कहा कि किन्नौर के कांग्रेस विधायक का यह कहना कि जिला किन्नौर के लोगों को कर्फ्यू पास नहीं दिए जा रहे हैं  और केवल मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेताओं के करीबियों को किन्नौर से बाहर भेजा जा रहा है,ये सरासर गलत है। उन्‍होंने कहा कि सरकार के सहयोग के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए लोग बड़ी मात्रा में किन्नौर वापस लाए गए हैं।

उन्होंने कहा जगतसिंह नेगी की ओर से मुख्यमंत्री, भाजपा नेताओं एवं ज़िला के एसपी का नाम लेना बिल्कुल गलत है ।