नई दिल्‍ली/शिमला।क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार की ओर से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की बीसीसीआई   के अध्‍यक्ष पद पर ताजपोशाी रोकने की मुहिम कामयाब नहीं हो पाई। यही नहीं जस्टिस लोढ़ा कमेटी की चार्जशीटेड लोगों के बीसीसीआई के पदाधिकारी  न बनाने की सिफारिश भी दिल्‍ली क्रिकेट अकादमी केपूर्व अध्‍यक्ष व वित मंत्री अरुण जेटली के चहेते अनुराग ठाकुरको बीसीसीआई का अध्‍यक्ष बनने से से नहीं रोक पाई।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के पुत्र अनुराग ठाकुर को आज बीसीसीआई का अध्‍यक्ष चुन लिया गया है। ये पद बीसीसीआई के अध्‍यक्ष मनोहर शंशांक के इस्‍तीफा देने  से खाली हुआ था।  अनुराग ठाकुर  का बीसीसीआई का अध्‍यक्ष  बनना हिमाचल  जैसे छोटे राज्‍य के लिए बड़ी बात है।

मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश की सता संभालते ही अनुराग ठाकुर की एचपीसीए के खिलाफ एक केबाद एक करके कइ्र मामले दर्ज किए थे। अनुराग ठाकुर के खिलाफ कई मामले अदालतों में लंबित हैं। इन्‍हीं मामलोंं को आधार बनाकर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने दिल्‍ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई के अध्‍यक्ष पद का चुनाव लड़ने से रोका जाए। अब ये मामला  दिल्‍ली हाईकोर्ट की मुख्‍य न्‍यायाधीश की पीठ में सुना जाना है।बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने दलील दी है कि जसिटस लोढ़ा कमेटी ने सिफारिश कर रखी है कि राजनेताओं व चार्जश्‍ाीटेड लोगों को बीसीसीआई के किसी भी पद पर न तैनात किया जाए।बावजूद इसके अनुराग ठाकुर ने अध्‍यक्ष पद पर अपनी ताजपोशी करवा ली है।बीसीसीआई ने लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को नहीं माना है।

उनकेअध्‍यक्ष बनने पर हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन  ने खुशी जताई  है।