शिमला। प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष राजीव बिंदल तीन महीने बाद भी केवल जिलाध्‍यक्ष ही बना पाने में कामयाब हुए हैं। इस कसरत में भी उनकी नकेल पूरी तरह से कसी हुई नजर आ रही हैं।बिंदल के एक करीबी नेता के माने तो जितने भी जिला अध्‍यक्ष बनाए गए है  उनमें एक – दो छोड़कर किसी का भी जनाधार नहीं हैं। ऐसे में साफ है कि प्रदेश में भाजपा की बर्बादी का अध्‍याय शुरू हो गया हैं। हालांकि यह करीबियों का क्‍यास है जबकि ऐसा कुछ भी कहना अभी जल्‍दी होगा।

उधर, कार्यकारिणी को लेकर बिंदल अभी भी मौन हैं। बहरहाल पुरानी कार्यकारिणी से ही काम चलाया जा रहा हैं। जब से केंद्र में मोदी सरकार सता में आई है तब से भाजपा में संगठनात्‍मक चुनाव होने का रिवाज खत्‍म हो गया हैं। सब कुछ पैराशूट से ही हो रहा हैं। बिंदल खुद पैराशूट के जरिए भाजपा अध्‍यक्ष बने है। इससे पहले  सुरेश कश्‍यप भी इसी तरह से ही भाजपा अध्‍यक्ष बने थे ।

संगठन में कहा जा रहा है कि ये कांग्रेसी वाली  पैराशूटी नेताओं की परंपरा ही भाजपा को डूबो कर रख देगी।बहरहाल बिंदल लंबी जददोजहद के बाद जिलों के अध्‍यक्ष बदलने में तो कामयाब हुए हैं।

 

बिंदल के जिला अध्‍यक्षों में भाजपा संगठन के जिला मंडी और सुंदरनगर में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भाजपा का दबदबा रहा हैं। मंडी से निहाल चंद, सुंदरनगर से हीरालाल व कुल्‍लू से अरविंद चंदेल को जिला अध्‍यक्ष बनाया गया हैं।  जबकि जिला सोलन में भी नडडा व धूमल खेमे को दरकिनार कर दिया गया हैं।

यहां पर भी जयराम ठाकुर भाजपा अपने सिपाही व अर्की विधानसभा हलके से उप चुनाव हार चुके रतन पाल सिंह को जिला अध्‍यक्ष बनवाने में कामयाब रही । रतन पाल पर आलाकमान  का वरदहस्‍त भी रहा है लेकिन उन्‍हें अर्की भाजपा का साथ मिलेगा ही यह अभी तय नहीं हैं।अर्की से विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्‍याशी व भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नडडा के करीबी गोबिंद राम शर्मा को बिंदल ने पटखनी दे दी। बिंदल व गोबिंद राम शर्मा में राजनीतिक तौर पर छतीस का आंकड़ा है। रतन सिंह पाल व गोबिंद के बीच भी दूरियां कम नहीं हैं।

उधर हमीरपुर जिला में पूर्व मुख्‍यमंत्री धूमल के करीबी देश राज को अध्‍यक्ष पद की कमान दी गई है जबकि ऊना में सत्‍ती के करीबी बलबीर चौधरी को अध्‍यक्ष बनाया गया हैं। भाजपा के जिला कांगड़ा में चार संगठनात्‍मक जिले है । इनमें पालमपुर से हरिदत शर्मा, नूरपूर से रमेश राणा, देहरा से संजीव शर्मा और कांगड़ा जिला का अध्‍यक्ष सचिन शर्मा को बनाया गया हैं।भाजपा के संगठन से लंबे अरसे से जुड़े एक नेता का कहना है कि इनमें से एक का भी जनाधार नहीं हैं।यह किसकी टीम है  इसका कोई पता नहीं है लेकिन यह बिंदल की च्‍वायस हो ऐसा लग नहीं रहा हैं।

भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नडडा के जिला बिलासपुर से स्‍वतंत्र सांख्‍यान को जिला अध्‍यक्ष बनाया गया हैं। जबकि सिरमौर में बिंदल के करीब विनय गुप्‍ता अपनी अध्‍यक्षी बचाने में कामयाब रहे हैं।शिमला जिला से प्रेम ठाकुर  जबकि महासू में अरुण फाल्‍टा को जिला की कमान दी गई हैं। किन्‍नौर में यशवंत नेगी और लाहुल स्पिति जिला की कमान राजेंद्र बौद्ध को सौंपी गई हैं। इसके अलाव चंबा का जिला अध्‍यक्ष धीरज नरयाल को बनाया गया हैं।

 

भाजपाइयों का कहना है कि बिंदल की कार्यकारिणी का लंबे समय से इंतजार था लेकिन वह इतने कमजोर जिलाध्‍यक्ष तैनात करेंगे इसकी उम्‍मीद नहीं थी। बिंदल बेहद सुलझे हुए और अनुभवी और तेजतर्रार नेता हैं। वह चूक कर जाएंगे इसकी उम्‍मीद कम थी ।लगता है कि उन पर नकेल कसी हुई हैं।

उधर , पुराने कई जिलाध्‍यक्षों को  कार्यकारिणी का सदस्‍य बनाकर उन्‍हें उप चुनाव, विधानसभा चुनाव और नगर निगम शिमला के चुनावों में पार्टी की हार का तोहफा देकर नवाजा गया हैं। यह अपने आप में हैरान करने वाला हैं।

बहरहाल अभी जिला ध्‍यक्षों की तैनाती हो पाई है। कार्यकारिणी में बिंदल किस तरह के चेहरे साथ जोड़ते है अब इसका इंततजार हैं। उसके बाद मोर्चो व अग्रणी संगठनों के चेहरों को भी देखा जाना हैं।