शिमला। विशाल हिमाचल आंदोलन के पुराधा व स्‍वतंत्रता सेनानी नवल ठाकुर  व कुल्‍लू के थाच गांव के एक परिवार ने खाद्य सुरक्षा  कानून  की धज्जियां उड़ाने व उन्‍हें धमकियां देने  वाले वाले ग्राम पंचायत माशना के प्रधान,उप प्रधान और डिपू होल्‍डर को तुरंत उनके पद से हटाने की मांग की है। ठाकुर व ये पीडि़त  परिवार  आज शिमला में मीडिया से रूबरू हुआ।

ठाकुर ने कहा कि ये लोग स्‍थानीय कांग्रेसी नेताओं की शह पर गांव की महिलाओं, दलितों  और गरीब लोगों को धमकियां दे रहे है।लोगों को पिछले चार –चार महीनों से राशन  नहीं मिल रहा है।उन्‍होंने कहा कि इन लोगों  के इस रवैये की वजह से पंचायत माशना के गांव थाच के लाल चंद के परिवार को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अदालत के आदेशों पर डीएफसी कुल्‍लू, पंचायत प्रधान, उप प्रधान व डिपू होल्‍डर  के खिलाफ  1 अक्‍तूबर को एफआईआर दर्ज  की गई । लेकिन बावजूद इसके  इन लोगों के खिलाफ  कांग्रेसी नेताओं की शह पर कोई  कार्रवाई नहीं हो रही है। उल्‍टे अदालत में गए परिवार को धमकाया जा रहा है।

उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने डीसीसे भी फरियाद की थी व डीसी ने 18 सितंबर को डीएफसी  को आदेश दिए कि उक्‍त परिवार को राशन दिया जाए।लेकिन उन्‍हें कोई राशननहीं दिया गया।

 

पीडि़त परिवारके लाल चंद ने कहा कि वो भेड़ पालक है  वो कई कई महीनों तक घरों से बाहर रहते है। घर में महिलाएं रहती है। वो खतरे में है।राशन का डिपू प्रधान का भाई चलाता है जो कानूनन नहीं है।

लाल चंद व उनकी पत्‍नी राम कली ने कहा कि खाद्य आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी पूछताछ करने के लिए आया था  उसने सबके सामने रामकली को धमकाया। इसके बाद भी उन्‍हें धमकियां मिल रही है।

उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने दशहरे के दौरान मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह और सांसद प्रतिभा सिंह से मिलने करा प्रयास किया । लेकिन स्‍थानीय कांग्रेसी नेताओं और पुलिस ने उन्‍हें मुख्‍यमंत्री  से मिलने नहीं दिया।

नवल ठाकुर और इस परिवार ने इस बात पर हैरानी जताई कि अदालत के आदेश पर एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ  कोई  कार्रवाई  नहीं हुई है।प्रधान को निलंबित तक नहीं किया गया।ये लोग जांच को भी प्रभावित करेंगे।उन्‍हें ये भी नहीं मालूम  की पुलिस  की जांच कहां तक पहुंची है

इस परिवार के सदस्‍यों ने कहा कि ये लोग दावा कर रहे है कि उनकी उपर तक पहुंच है व उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकते। उन्‍होंने कहा कि अगर आरोपियों के खिलाफ  कोई कार्रवाई  नहीं हुईतो वो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उनकी एफआईआर भी  अदालत के आदेशों पर ही हुई है।

 

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