शिमला।प्रदेश हाईकोर्ट  ने अदालत के  आदेशों  को  लागू  न  करने  को  गंभीरता  से  लेते  हुए आज  प्रदेश  विवि के   रजिस्‍ट्रार  को  उनके  पद  से  निलंबित  कर दिया  । मामले  की  सुनवाई  करते  हुए  जसिटस्‍ राजीव  शर्मा  ने   रजिस्‍ट्रार  जनरल  को  आदेश  दिए  कि  हाईकोर्ट  के  आदेशों को  तुरंत  वीसी एडीएन वाजपेयी  को  फैक्‍स  के  जरएि  पहुंचाया  जाए  और  साढे दस बजे  से पहले  उनसे  काम  वापस लिया जाए।

जस्टिस राजीव  शर्मा ने  ये  आदेश  विवि  के  एक  कर्मचारी  बरड़ू  राम  की  याचिका  की सुनवाई करते हुए  दिए। बरड़ू राम   पहले दायर अपनी याचिका  में  कहा था  कि  वो   व राम  सिंह एक  ही  दिन  20  अक्‍तूबर 1994  को  माली व चपड़ासी के  पद  पर  तैनात हुए  थे।  राम  सिंह को  21  अगसत  2007 को   8जून  1999  से   चपड़ासी  के पद  पर  नियमित कर  दिया जबकि  उसे   12  अप्रैल  2006 को  माली के नियमित किया।   हाईकोर्ट ने गलत  माना और  12  मई  2015 को विवि को  आदेश  दिए  कि वो  बरड़ूराम को  भी  राम  सिंह की तरह ही  8 जून1999 से  नियमित करें  और  उसे  पीछे के सभी  लाभ दें।

 

लेकिन  विवि ने  न तो   हाईकोर्ट  के आदेशों की  पालना की  और  न  ही  अदालत में अपना पक्ष रखा।  इसे  गंभीरता से लेते हुए जस्टिस राजीव शर्मा ने आब्‍जर्व  किया  कि  देखने में  आया  है  कि  सरकार व  बाकी संसथान  हाईकोर्ट के  आदेशों को  गंभीरता से  नहीं लेते है। ऐसे में  उन्‍होंने रजिस्‍ट्रार को सस्‍पेंड करने  के आदेश दे  दिए। इससे  विवि में  हड़कंप  मचा हुआ  है।