शिमला।   महिला कर्मचारी  की  ओर  से  विधानसभा परिसर  में  उससे  रेप  करने  के  आरोप  में  फंसे  पूर्व भाजपा  विधायक व  पूर्व मुख्‍यमंत्री  प्रेम कुमार धूमल  के  हनुमान  कहे जाने वाले बलदेश  शर्मा को अदालत ने  आज  रेप  मामले  में बरी  कर  दिया। बलदेव  शर्मा को जिला सेशन वन जज आर  के शर्मा  ने  बरी  कर  दिया । उन्‍होंने  अपने फैसले  में  कहा  कि प्रदेश  की वीरभद्र की सरकार का  अभियोजन विभाग  अपने केस को साबित नहीं कर पाया। इस मामले में महिला ने  कांग्रेस अध्‍यक्ष सुखविंदर सुक्‍खू  का जिक्र  भी किया था व कहा था जिस दिन घटना घटी थी उस दिन विधानसभा परिसर के बाहर सुक्‍खू भी उसे मिले थे।

बताते है कि बरी होने पर बलदेव शर्मा कोर्ट में रो पड़े ।

इस महिला ने पांच मार्च को दिए  अपने बयान में कहा था कि बलदेव शर्मा ने 25 मार्च 2012 को विधानसभा परिसर में अपने सरकारी आवास  में तबादला नोट के बदले उसका यौन उत्‍पीड़न किया था।उसने ये भी दावा  किया था उसने तब ये मामला तत्‍कालीन डीजीपी और तत्‍कालीन सीएम धूमल के नोटिस में भी लाया था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। गौरतलब हो कि ये महिला पूर्व बीजेपी एमएलए बलदेव शर्मा  की बीवी के साथ बीजेपी के लिए काम करती देखी जाती थी।

प्रदेश की वीरभद्र सरकार पर शुरू से बदले की भावना से मुकदमें बनाने के आरोप  बीजेपी लगाती रहीहै। इस मामले में भी राजनीतिक खेल खेलने के आरोप लगे थे। आज अदालत ने बीजेपी एमएलए   को बरी कर दिया है।  अब देखना ये है कि क्‍या स्‍टेट हाईकोर्ट जाएगी।