मंडी। खराब मौसम के कारण राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी  के आईआईटी मंडी  के दूसरे दीक्षांत समारोह में न पहुंच पाने   के कारण से समारोह में डिग्रिया मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बांटी।

समारोह में 127 छात्रों को विभिन्न विज्ञान एवं अभियंत्रिकी विषय में उपाधि प्रदान की गई और 6 विद्यार्थियों को इस अवसर पर स्वर्ण एवं रजत पदकों से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने भारत का राष्ट्रपति स्वर्ण पदक और संस्थान रजत पदक से  सुभिक देवनाथ को पुरस्कृत किया। उन्होंने  कृष्णा करनानी और दीपक शर्मा को कम्पयूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग के लिए रजत से भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने रानी गौनसालविस पदक महिला बी.टैक छात्रा कुमारी दामनी को प्रदान किया।

राज्यपाल ने अपने दीक्षांत भाषण में कृषि, ऊर्जा, पर्यावरण, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अनुसंधान तथा नई तकनीक विकसित करने पर बल दिया ।

इस मौके पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा हमें तकनीकी क्रांति के दौरान तेजी से बदलते परिपेक्षय में नवीनतम तकनीक को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृष्य में ज्ञान का तेजी से विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि यह नई आई.आई.टी. में पहला ऐसा संस्थान है जिसने अपने पांच वर्ष की अल्पावधि में अन्तरराष्ट्रीय वैज्ञानिक परियोजनाएं प्राप्त की हैं।  वीरभद्र सिंह ने कहा कि आई.आई.टी. मण्डी में निकट भविष्य में मण्डी और कमांद क्षेत्र में हाईटैक आरएण्डडी पार्क हब्ब के कार्य की अपार क्षमता है और यदि ऐसा पार्क स्थापित होता है तो इससे हमारे उद्योगों को कटिंग एज़ अनुसंधान और तकनीक उपलब्ध करवाने में सहायता मिलेगी।

यहां  देखें कुछ और खास तस्‍वीरें-:

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